अरावली के संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता

AYUSH ANTIMA
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अरावली की ऊंचाई को लेकर राजस्थान में कांग्रेस आमजन में भ्रम फैला रही है। विदित हो इसी ऊंचाई को लेकर निवर्तमान अशोक गहलोत सरकार ने माननीय सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया था लेकिन इस भ्रम पर से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के आवाम की आंखों पर कांग्रेस ने भ्रमित करने वाला चश्मा पहनाने का काम किया। उसके मध्यनजर आवाम की जनभावनाओं व मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दूरगामी फैसला लिया कि अरावली का संरक्षण करना भाजपा सरकार की पहली प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री की पहल पर केन्द्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि अरावली में खनन के लिए नये पट्टे तुरंत प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिये जाए। इसके साथ ही मंत्रालय ने भारतीय वानिकी अनुसंधान व शिक्षा परिषद को पूरे अरावली क्षेत्रों में अतिरिक्त जोनो की पहचान के निर्देश दिए हैं। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार परिस्थितिक, भू वैज्ञानिक और भूभाग स्तर के विचारो के आधार पर खनन प्रतिबंधित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। इसके साथ ही केन्द्र सरकार ने निर्देश दिया है कि चालू खदानों के बारे में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप सभी पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही केन्द्र सरकार ने अरावली के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता दर्शाते हुए कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अरावली इकोसिस्टम के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का मानना है कि मरूस्थलीकरण को रोकने, जैव विविधता संरक्षण, जल भंडारों के पुनर्भरण और क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन व सेवाओं में अरावली की अहम भूमिका है। यदि गृह राज्य राजस्थान की बात करें तो अरावली पर्वतमाला राज्य के 15 जिलों में करीब 550 किमी तक है। अरावली किसी चित्र का स्कैच नहीं बल्कि यह राजस्थान के जनमानस की जीवन रेखा है। कांग्रेस जिस ऊंचाई की परिभाषा को लेकर लोगों को भ्रमित कर रही है, यदि उनका इतिहास देखें तो 2010 में इसी ऊंचाई को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया था, जब सुप्रीम कोर्ट ने अवैध खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। दशको तक अवैध खनन माफिया व कांग्रेस का चोली दामन का साथ रहा है। कांग्रेस के संरक्षण में खनन माफिया ने अरावली का हृदय छलनी करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इसी बात से दुखी कांग्रेस अपने गिरेबान में झांकने के बजाय झूठ व भ्रम फैलाकर आमजन को गुमराह कर रही है। विदित हो मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भी अरावली का हर हाल में संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता एक बयान में दिखाई थी। कांग्रेस को चाहिए कि आत्ममंथन करें व नकारात्मक राजनीति करने से बाज आए व राजस्थान के सम्मानित जनमानस के साथ राजनीति न खेलते हुए ईमानदारी का परिचय दे।

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