जयपुर (महेश झालानी): भरतपुर के मूल निवासी राकेश अग्रवाल को केंद्र सरकार ने देश की सबसे बड़ी अनुसन्धान एजेंसी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) का कार्यवाहक महानिदेशक नियुक्त किया है। वे भारतीय पुलिस सेवा के 1994 बैच के अधिकारी हैं और हिमाचल प्रदेश कैडर से आते हैं। वर्तमान में वे एनआईए में विशेष महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं और पूर्णकालिक महानिदेशक की नियुक्ति तक एजेंसी का नेतृत्व संभालेंगे। राकेश अग्रवाल की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी उतनी ही मजबूत है, जितना उनका प्रशासनिक अनुभव। उन्होंने जयपुर स्थित प्रतिष्ठित संस्थान मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) से बीटेक (इंजीनियरिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। तकनीकी शिक्षा से मिली विश्लेषणात्मक सोच और समस्या-समाधान की क्षमता उनके पुलिस करियर में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती रही है, विशेषकर जटिल जांचों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में।
राजस्थान के भरतपुर से निकलकर देश की सर्वोच्च आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी के शीर्ष पद तक पहुंचना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है। करीब तीन दशक की सेवा में राकेश अग्रवाल ने राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारियां निभाई हैं। हिमाचल प्रदेश कैडर में विभिन्न फील्ड और प्रशासनिक पदों के साथ-साथ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए उन्होंने आतंकवाद, उग्रवाद और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एनआईए में विशेष महानिदेशक के रूप में रहते हुए वे कई हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामलों की निगरानी कर चुके हैं। अब कार्यवाहक महानिदेशक के तौर पर उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी एजेंसी के संचालन में निरंतरता बनाए रखना, लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा करना और राज्यों व अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय को मजबूत करना होगी, ताकि जांच प्रक्रिया पर किसी तरह का असर न पड़े। कुल मिलाकर, एमएनआईटी जयपुर से बीटेक जैसे सशक्त शैक्षणिक आधार, लंबा प्रशासनिक अनुभव और केंद्रीय एजेंसियों में कार्य का व्यावहारिक ज्ञान—इन सबके साथ राकेश अग्रवाल की यह नियुक्ति एनआईए के लिए एक स्थिर और भरोसेमंद अंतरिम नेतृत्व के रूप में देखी जा रही है।उधर एनआईए के महानिदेशक रहे सदानंद दांते को महाराष्ट्र का डीजीपी नियुक्त किया गया है ।