बीकानेर में बड़े पैमाने पर गैस सिलेंडरों में घटतौली का खेल, शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं,उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश

AYUSH ANTIMA
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बीकानेर(नारायण उपाध्याय)। शहर में गैस सिलेंडरों में बड़े पैमाने पर घटतौली का खेल तेजी से फैलता जा रहा है और हालात यह हैं कि उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग किसी ठोस कार्रवाई में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा। मुक्ता प्रसाद कॉलोनी स्थित शहीद दलीप सिंह इंडेन गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने सिलेंडरों के वजन में कमी, लापरवाही और संभावित छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि एजेंसी से आने वाले अधिकांश सिलेंडर तय मानक से काफी कम वजन के पहुंच रहे हैं।

उपभोक्ता बताते हैं कि जब वे कम वजन होने की आपत्ति जताते हैं तो एजेंसी कर्मचारी उल्टे तर्क देकर बात को टाल देते हैं। कई जगह तो कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं को चुनौती देते हुए कहा “जो करना है कर लो, वीडियो बना लो, हमारा कुछ नहीं बिगाड़ लोगे।” कर्मचारियों का यह रुख पूरे मामले को और संदिग्ध बना रहा है। कुछ कर्मचारियों ने यह सफाई भी दी कि ट्रकों में हिलने-डुलने से गैस कम हो जाती है, इसलिए वजन घट जाता है,जो खुद में ही बड़ा सवाल खड़ा करता है।

इसी तरह की घटना शहर के पत्रकार सरजीत सिंह के साथ भी हुई। उनके घर पहुंचा सिलेंडर 30.300 किलो की जगह सिर्फ 27.400 किलो निकला। डिलीवरी बॉय ने बहाना बनाते हुए कहा कि उसका कांटा पानी में गिर गया था और गलत वजन दिखा रहा है। बाद में दूसरा कांटा लाकर वजन कराया गया तो 28.420 किलो निकला,पहले से एक किलो ज्यादा। इतने बड़े अंतर ने उपभोक्ताओं के संदेह को और गहरा कर दिया। एजेंसी में फोन करने पर जवाब मिला “सिलेंडर बदलवा लो, कांटा गलत होगा।”

शिकायत के बाद पहुंचे कर्मचारी सुनील सेन ने कहा कि ट्रकों में हिलने-डुलने से वजन 200–300 ग्राम कम हो जाता है, जबकि एजेंसी संचालक का कहना है कि सिलेंडर लीक रहा होगा। उपभोक्ताओं का सवाल साफ है— अगर सिलेंडर लीक था, तो पहला वजन इतना कम और दूसरा ज्यादा कैसे? यह पूरा मामला गैस सिलेंडरों से गैस निकालने के बड़े खेल की ओर इशारा करता है।

स्थानीय लोग उपभोक्ता विभाग के अधिकारी DSO नरेश शर्मा से मांग कर रहे हैं कि गैस एजेंसी की जांच करवाकर इस बढ़ते गोरखधंधे पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को हो रही खुलेआम लूट पर रोक लग सके।

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