सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की योजनाओं से बदलेगा वंचित वर्गों का जीवन

AYUSH ANTIMA
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झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री तथा झुंझुनूं जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत ने सर्किट हाउस, झुंझुनूं में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भजन लाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जनकल्याण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय, उपलब्धियाँ एवं नवाचार किए गए हैं, जिनका सीधा लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है। मंत्री गहलोत ने बताया कि राज्य के 10 जिलों—जालोर, बीकानेर, जयपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, बाड़मेर, अजमेर, जैसलमेर, चित्तौड़गढ़ एवं चूरू—में संस्थाओं का चयन कर 25-25 बेड क्षमता के नशामुक्ति केंद्रों का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है, जिससे युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 7 संभागों एवं 10 जिलों में स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से स्वयंसेवित आश्रमों का संचालन प्रारंभ किया गया है, जिससे निराश्रित एवं जरूरतमंद लोगों को संरक्षण मिल रहा है।
मंत्री ने कहा कि कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से हॉस्टल एवं पेइंग गेस्ट सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके तहत 41 जिलों में कामकाजी महिला छात्रावासों के भवन निर्माण हेतु कार्यादेश जारी किए गए हैं, जिनमें से 32 जिलों में निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने बताया कि अजा,‌‌ अजजा, अपिव, ईडब्ल्यूएस वर्ग, सफाई कर्मचारी एवं दिव्यांगजन को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से अनुजा निगम, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक निगम द्वारा दिए गए ऋणों के निस्तारण हेतु वन टाइम सेटलमेंट – एकमुश्त समाधान योजना वर्ष 2025-26 के लिए लागू की गई है, जिसके दिशा-निर्देश 14 अप्रैल 2025 को जारी किए गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री गहलोत ने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश की समस्त राजकीय, अनुदानित एवं पीपीपी मोड पर संचालित छात्रावासों एवं आवासीय संस्थानों में महिलाओं, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों को देय मेस भत्ते की राशि में वृद्धि की गई है। उन्होंने बताया कि मेस भत्ता ₹2500 से बढ़ाकर वर्ष 2024-25 में ₹3000 तथा वर्ष 2025-26 में ₹3250 प्रतिमाह किया गया है। मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय को केवल नारा नहीं बल्कि धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में भी समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान हेतु और अधिक प्रभावी योजनाएं लागू की जाएंगी। इस दौरान बनवारी लाल सैनी, प्यारेलाल ढूकिया, रोहताश धांगड़ भी मौजूद रहे।

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