जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): स्वामी केशवानंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोत्थान (एसकेआईटी), जयपुर ने 10 दिसंबर 2025 को इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के प्री–समिट कार्यक्रम की प्रभावशाली मेजबानी की, जो “एम्पावरिंग इंडिया’स ह्यूमन कैपिटल फॉर द एआई–ड्रिवन फ्यूचर” विषय पर केंद्रित था। यह आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा एआईसीटीई के तत्वावधान में आयोजित किया गया और भविष्य उन्मुख कौशल, समावेशी इनोवेशन तथा जिम्मेदार एआई अपनाने पर विशेष ध्यान देते हुए प्रधानमंत्री के इंडियाAI मिशन और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप रहा।
एआईसीटीई के निदेशक डॉ.अमित दत्ता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने उल्लेख किया कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026, जिसका औपचारिक ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस एआई एक्शन समिट में किया था, 19–20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगा।एआईसीटीई के अध्यक्ष ने इस समिट का केंद्रीय विषय “ह्यूमन कैपिटल” निर्धारित किया है, जो तीन मूलभूत सूत्रों—पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस पर आधारित होगा और मानव विकास, पर्यावरणीय स्थिरता तथा तकनीकी प्रगति के संगम पर वैश्विक विमर्श को आगे बढ़ाएगा। डॉ.दत्ता ने पाठ्यक्रम इनोवेशन, उद्योग–अकादमिक सहयोग और व्यापक स्किलिंग पहलों के माध्यम से एआई–साक्षर कार्यबल तैयार करने में तकनीकी संस्थानों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। प्रो.पुनीत शर्मा, टेक्नोलॉजी डिसेमिनेशन मीडिया एडवाइज़र, कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे।
*पैनल में एमिनेंट विशेषज्ञ शामिल थे*
हितेश चौहान, प्रिंसिपल सॉल्यूशन आर्किटेक्ट, ओरेकल; संदीप जैन, सीईओ एवं फाउंडर, GeeksforGeeks; डॉ.किरण त्रिवेदी, एसोसिएट प्रोफेसर, यूनिवर्सिटी ऑफ वोलोंगोंग ऑस्ट्रेलिया: इंडिया; शुभम गुप्ता, एसोसिएट स्टाफ इंजीनियर, नगैरो; कल्पित सिंह, डायरेक्टर एआई, सिंगलस्टोर; तथा शिव प्रकाश ओझा, सीनियर प्रिंसिपल टेक्नोलॉजी आर्किटेक्ट, इंफोसिस। कार्यक्रम में हुई सजीव चर्चाओं और संवाद के माध्यम से वक्ताओं ने राष्ट्रीय एआई पहलों को कैंपस स्तर पर मूर्त रूप देने के व्यावहारिक रास्तों पर चर्चा की, जिनमें उन्नत पाठ्यक्रम, इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और स्टार्टअप इनक्यूबेशन जैसी पहलें शामिल थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि भारत की जनसांख्यिकीय बढ़त को इंडियाAI मिशन के ह्यूमन कैपिटल, इनोवेशन और इन्क्लूजन जैसे स्तंभों के साथ जोड़ा जाए, तो देश स्वास्थ्य, वित्त, मोबिलिटी और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में विश्वसनीय और प्रभावशाली एआई समाधानों का वैश्विक केंद्र बन सकता है। प्रो.अनिल चौधरी ने समिट के उद्देश्यों और विजन की जानकारी दी, जबकि प्रो.नेहा पुरोहित ने पैनलिस्टों के साथ चर्चा का संचालन किया। कार्यक्रम के दौरान निदेशक जयपाल मील, विभागाध्यक्ष (सीएसई) प्रो. (डॉ.) मेहुल माहर्षि, डॉ.नीलम चौधरी (प्रोटोकॉल ऑफिसर) और डॉ.लवलीन कुमार (SPOC) सहित संस्थान के प्रतिनिधियों के योगदानों की भी सराहना की गई।