बीकानेर (नारायण उपाध्याय)। राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर प्रदेशभर में विकास, सुशासन और जनसेवा के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। इन्हीं उपलब्धियों में सबसे बड़ा परिवर्तन राजस्थान रोडवेज़ का काया-कल्प है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में रोडवेज़ को पुनर्जीवित करने के लिए तेज़ और ठोस कदम उठाए गए। बीते दो वर्षों में 810 नई बसें और 352 अनुबंधित बसें बेड़े में शामिल की गईं, जिससे रोडवेज़ की पूरी तस्वीर बदल गई। नई बसों से यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और समयबद्ध यात्रा मिलने लगी है, वहीं बेहतर रूट प्लानिंग, डीज़ल छीजत पर नियंत्रण और मजबूत सुपरविजन के चलते रोडवेज़ का घाटा लगभग 1000 करोड़ से घटकर 300 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि रोडवेज़ को आधुनिक तकनीक, बेहतर सुविधाओं और वित्तीय मजबूती के साथ लाभदायक इकाई बनाया जाए। इसी दिशा में आगे 800 और नई बसें जोड़ने की तैयारी चल रही है। सरकार के ये निर्णय स्पष्ट करते हैं कि राजस्थान को नए विकास मार्ग पर ले जाने में सार्वजनिक परिवहन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रोडवेज़ की यह प्रगति राज्य सरकार के सुशासन, दूरदर्शिता और आमजन-केन्द्रित नीतियों की सशक्त तस्वीर पेश करती है।