एसकेआईटी को मिली स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 की मेजबानी...ग्रैंड फिनाले में 11 राज्यों से जुटेंगी टीमें, 36 घंटे होगा इनोवेशन मेराथन

AYUSH ANTIMA
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जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एसकेआईटी) को देश के प्रतिष्ठित इनोवेशन फेस्ट स्मार्ट इंडिया हेकेथॉन-2025 (एसआईएच-2025) के सॉफ्टवेयर एडिशन के ग्रैंड फिनाले की मेजबानी करने के लिए भारत सरकार ने चयनित किया है। आगामी आठ और नौ दिसंबर को होने वाले इस ग्रैंड फिनाले की तैयारियों की जानकारी देने के लिए गुरूवार को कॉलेज की ओर से आयोजित एक प्रेसवार्ता में निदेशक जयपाल मील ने यह जानकारी दी। मील ने बताया कि केन्द्र सरकार ने राजस्थान में मात्र तीन नोडल सेंटर बनाए हैं, जिनमें एसकेआइटी एक है, यहां सॉफ्टवेयर एडिशन के ग्रैंड फिनाले का आयोजन होगा। प्रेसवार्ता में जयपाल मील के साथ कॉलेज प्रिंसीपल रमेश कुमार पचार, डायरेक्टर एकेडमिक्स एसएल सुराणा, एआईसीटीई के मीडिया सलाहकार पुनीत शर्मा एवं कॉलेज की एसपीओसी एसआईएच नीलम चौधरी ने संबोधित किया। पुनीत शर्मा ने बताया कि यह केन्द्र सरकार का आठवां एसआईएच है एवं एसकेआईटी को तीसरी बार इसकी मेजबानी करने का अवसर मिला है, इससे पूर्व 2020 और 2023 में भी नोडल सेंटर के रूप में संस्थान को चयनित किया गया था। कॉलेज प्रिंसीपल रमेश कुमार पचार ने बताया कि 36 घंटे की इनोवेशन मैराथन की तैयारियां पूरी की जा चुकी है, इसमें 11 राज्यों की 25 छात्र टीमें विभिन्न वास्तविक चुनौतियों के समाधान के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। डॉ.नीलम चौधरी ने बताया कि इस वर्ष हेकेथॉन में विभिन्न मंत्रालयों एवं सरकार से संबंधित 271 प्रॉब्लम स्टेटमेंट होंगी जिनके समाधान बच्चे इस मेराथन फेस्ट में करेंगे। उन्होंने बताया कि देशभर में 3.4 लाख से अधिक छात्राएं इसमें भाग ले रही हैं, जो कि गत एसआईएच के मुकाबले 71 प्रतिशत बढी है। निदेशक मील ने जानकारी देते हुए कहा कि इस बार स्पेस टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, स्मार्ट एजुकेशन, एग्रीटेक समेत अन्य विषयों पर हेकेथॉन के प्रोब्लम स्टेटमेंट हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान ने आयोजन में हिस्सा ले रहे बच्चों के लिए आवास, पौष्टिक भोजन, चौबीसों घंटे चिकित्सा सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य तमाम व्यवस्थाएं कर ली है। प्रोफेसर एसएल सुराणा ने कहा कि ऐसी पहल पारंपरिक शिक्षा से परे कौशल विकसित करती हैं। “स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन जैसे कार्यक्रम छात्रों को व्यावहारिक समस्या-समाधान क्षमताओं एवं वास्तविक दुनिया के अनुभव से लैस करते है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में 60 नोडल सेंटर बनाए गए हैं, जिसमें 42 सॉफ्टवेयर एडिशन और 18 हार्डवेयर एडिशन के केंद्र शामिल हैं, इसमें विजेता टीमों को प्रत्येक प्रॉब्लम स्टेटमेंट के लिए एक लाख मिलेंगे।

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