झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिले में संचालित बाल-वाहिनियों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। प्राधिकरण सचिव डॉ.महेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि माननीय रालसा के निर्देशों की पालना में जिला परिवहन अधिकारी मोनू सिंह मीणा के साथ जिला मुख्यालय पर निजी विद्यालयों द्वारा संचालित बाल वाहिनियों का औचक निरीक्षण कर जांच की गई। उन्होंने बताया कि बाल वाहिनियों में क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाना न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि बच्चों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है। डॉ.सोलंकी ने बताया कि बाल वाहिनियों की आकस्मिक जांच में निर्धारित बिन्दुओं वाहन का रंग, वाहन का स्कूल ड्यूटी लिखा होना, वाहन पर वाहन चालक एवं विधालय का विवरण, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, जीपीएस सिस्टम, आपातकालीन निकास, विशेष बच्चों के लिये सुविधा, वाहन चालक एवं सहायक के वैध लाईसेंस व पहचान दस्तावेज, वाहन चालक का भारी वाहन चलाने का अनुभव, पूर्व में गंभीर चालान अथवा दुर्घटना रिकॉर्ड पर ड्राईवर को अयोग्य माना जाना, निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बाल वाहिनियों में बिठाना, बाल वाहिनियों की गति निर्धारित सीमा में हो, वाहन चालक व सहायक समय-समय पर मेडिकल परीक्षण, बाल वाहिनी मेंं चढ़ने उतरने का सुरक्षित स्थान, बाल वाहिनियों की समग्र फिटनेश आदि के सम्बन्ध में जांच की गई। प्राधिकरण सचिव ने बताया कि जांच के दौरान जानकारी भी दी गई कि निर्धारित मानक अनुसार बाल वाहिनयों का संचालन नहीं किया जाना एवं क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में बैठाना दुर्घटना की स्थिति में जनहानि का कारण बन सकता है। प्राधिकरण सचिव ने वाहन चालकों, विधालयों प्रबन्धकों एवं अभिभावकों से अपील की कि प्रत्येक बच्चा उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण है इसलिए उसकी जान जोखिम में न डाले। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना हम सबका सामूहिक दायित्व होना चाहिए। यदि किसी को बाल वाहिनियों में ओवलोडिंग अथवा सुरक्षा नियमों में किसी प्रकारकी कमी के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त होती है तो इस सम्बन्ध में सूचना तत्काल सम्बन्धित विभाग अथवा प्राधिकरण को देकर आवश्यक कार्यवाही करवाई जा सकती है। न्यायाधीश ने बताया कि यह अभियान का पहला दिवस है। इस दौरान बाल वाहिनियों में पाई गई कमियों के बाबत परिवहन विभाग द्वारा चालान भी बनाए गए तथा वाहन चालकों/स्कूल संचालकों को पाई गई कमियों को 10 दिवस में दुरूस्त करवाने हेतु निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग द्वारा 2 बाल वाहिनियों का चालान भी किया गया। इस दौरान परिवहन निरीक्षक रोहिताश आदि उपस्थित रहे।
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