अलवर: शहर के अरावली बिहार थाना क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ा हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब विजय मंदिर थाने में तैनात कांस्टेबल जयकिशन अपनी दूसरी शादी रचाने सिगनेट होटल पहुंच गया। 30 नवंबर की शुभ लगन में जयकिशन का विवाह अंकिता से होना तय था, लेकिन इससे पहले ही उसकी पहली पत्नी अचानक मौके पर पहुंची और पूरी रस्में रुकवा दीं। पहली पत्नी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वर्ष 2021 से दोनों अलग रह रहे हैं, लेकिन आज तक तलाक नहीं हुआ। उसने आरोप लगाया कि जयकिशन बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर रहा है और यह उसके साथ धोखा है। महिला के अनुसार, न तो किसी तरह की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और न ही उसे किसी बात की जानकारी दी गई। सिगनेट होटल में विवाह की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। कार्ड अनुसार दूल्हा जयकिशन और दुल्हन अंकिता का मुहूर्त कल का था और दोनों पक्षों के रिश्तेदार समारोह में पहुंच चुके थे। दुल्हन पक्ष को भी पता नहीं था कि जयकिशन पहले से शादीशुदा है। सुबह ही पहली पत्नी को सूचना मिली, जिसके बाद वह परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ होटल पहुंच गई। होटल पहुंचते ही उसने जयकिशन का विरोध शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख होटल प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस के सामने साफ कहा कि "बिना तलाक दूसरी शादी करना अपराध है।" कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, IPC धारा 494 के तहत पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी दंडनीय अपराध है। अरावली बिहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बयान लिए। स्थिति को देखते हुए विवाह की सभी रस्में रोक दी गई। दुल्हन पक्ष ने लड़के वालों पर जानकारी छिपाकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। होटल में घंटों अफरा-तफरी रही और मेहमानों को लौटना पड़ा। इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि आरोपी स्वयं कांस्टेबल है। मामले की जांच जारी है और पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। वहीं कांस्टेबल जयकिशन का कहना है कि “दूसरी ओर से दहेज का मुकदमा चल रहा है। यहां कोई शादी नहीं हुई थी, हम सिर्फ मिलने आए थे। जो वरमाला और खाना तैयार था, वह वहीं पड़ा रह गया।” पुलिस ने मामले को शांत कर दिया है और अब आगे का निर्णय न्यायालय करेगा।
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