पिलानी (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): बिरला स्कूल पिलानी में 24 नवम्बर 2025 को आयोजित 83वीं अखिल भारतीय श्री सूर्यकरण पारीक स्मृति हिंदी वाद–विवाद प्रतियोगिता इस वर्ष भी अपने उद्देश्य और गरिमा के अनुरूप अत्यंत उत्साहपूर्ण एवं बौद्धिक रूप से समृद्ध रही। प्रतियोगिता का विषय—“सीबीएसई की दो बोर्ड परीक्षा नीति विद्यार्थियों के हित में है”—अपनी समसामयिकता के कारण मंच पर उपस्थित प्रत्येक प्रतिभागी के विचार और तर्कों को नई ऊँचाई दे रहा था। देशभर से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश एवं जयपुर क्षेत्र के 25 विद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष दोनों में इतने सशक्त तर्क रखे कि सभागार कई बार तालियों से गूंज उठा। प्रत्येक वक्ता की प्रस्तुति समाप्त होते ही पूछे गए प्रतिप्रश्न इस प्रतियोगिता का विशेष आकर्षण बने और विद्यार्थियों की त्वरित सोच, आत्मविश्वास और गहन विषय–विश्लेषण क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला।
प्रतियोगिता की अध्यक्षा, शोभा वर्मा (पूर्व प्रधानाचार्या एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेषज्ञ वक्ता) ने छात्रों की प्रस्तुति, प्रश्नोत्तरी की धार और तर्कशक्ति को सराहते हुए कहा कि वाद–विवाद छात्रों में भाषा, नेतृत्व और निर्णय–क्षमता विकसित करने का सर्वोत्तम मंच है। निर्णायक मंडल में महेश कुमार सैनी (प्रिंसिपल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चांदगोठी), मुकेश कुमार सैनी
(प्रिंसिपल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेफरागुवार) डॉ.आशीष गुप्ता
(उप–पंजीयक, बीआईटीएस, पिलानी) ने विशेषज्ञता के साथ प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया और कहा कि इस स्तर की प्रतियोगिता युवाओं को विचार करने, पूछने और समझने की दिशा में प्रेरित करती है। इस वर्ष प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रतिस्पर्धा का प्रदर्शन किया। प्रोत्साहन पुरस्कार ₹1,100 कैडेट संदीप (सैनिक स्कूल, रेवाड़ी), तृतीय पुरस्कार ₹2,100 रिद्धि दरिरा (द अमरिल्ड स्कूल, इंदौर), द्वितीय पुरस्कार ₹5,100 नेहल अग्रवाल (माहेश्वरी पब्लिक स्कूल, जयपुर) और प्रथम पुरस्कार ₹11,000 शिवि जांगिड (द राजस्थान स्कूल, कोटपूतली) ने प्राप्त किया। सर्वोच्च सामूहिक अंक प्राप्त करने के आधार पर चल वैजयन्ती भी द राजस्थान स्कूल, कोटपूतली को प्रदान की गई, जिसने अपने प्रभावी प्रदर्शन से निर्णायकों और दर्शकों दोनों को प्रभावित किया। प्रतियोगिता का संचालन हिंदी विभाग की संयोजिका सोनीरिका कृष्णियाँ के नेतृत्व एवं संस्कृत विभागाध्यक्ष एनएन मिश्रा के निर्देशन में सुव्यवस्थित और नियमबद्ध रहा। प्राचार्य धीरेंद्र सिंह, प्रधानाध्यापक एसपी आनंद (डे विंग सीनियर), प्रधानाध्यापक बुपन शर्मा (डे विंग जूनियर), वरिष्ठ समन्वयक वीके मिश्रा तथा बरसर अनिल अवस्थी ने हिंदी–संस्कृत विभाग के शिक्षकों—श्यामा पारीक, नवीन व्यास, दिलबाग सिंह, डॉ.दीपा भारद्वाज, मुकेश दिया, विजय कृष्ण शर्मा और पवन शेखावत को प्रतियोगिता के सफल संचालन में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया एवं बधाई दी। प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और सुव्यवस्थित आयोजन के साथ 83वीं अखिल भारतीय सूर्यकरण पारीक स्मृति वाद–विवाद प्रतियोगिता विद्यार्थियों की तर्कशक्ति, अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता को निखारने वाला अत्यंत प्रभावशाली आयोजन सिद्ध हुई।