अलवर: जिले में यूरिया वितरण एवं व्यवस्था की समीक्षा के लिए गुण नियंत्रण अभियान के तहत उर्वरक निरीक्षकों द्वारा 9 कृषि उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के आधार पर 3 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
वर्तमान में जिले में 1482 मैट्रिक टन यूरिया एवं 1577 मैट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है तथा उर्वरकों की आपूर्ति निरंतर जारी है। राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले ब्लॉकों को प्राथमिकता से चिन्हित कर पारदर्शी तरीके से उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए विभागीय अधिकारी सतर्कता से कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों का महावार एवं कंपनिवार आवंटन किया जाता है। इन आवंटनों और जिले की मांग के अनुसार जिला-वार आपूर्ति योजना बनाकर वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। आगामी दिनों में नर्मदा बायो केम कंपनियों की यूरिया रैक लगने वाली है, जबकि इफको की 1400 मैट्रिक टन यूरिया रैक आज जिले में पहुँच चुकी है।
संयुक्त निदेशक कृषि (वि.) अलवर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड में अंकित सिफारिशों के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग करें तथा पारदर्शिता के साथ वितरण सुनिश्चित किया जाए। अनियमितता करने वाले विक्रेताओं, जमाखोरों एवं कालाबाजारी में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु प्रशासनिक सहयोग और विभागीय कार्मिकों की निगरानी में पंक्तिबद्ध वितरण किया जा रहा है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड और जमीन संबंधित दस्तावेज साथ रखें तथा केवल पंजीकृत कृषि आदान विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें।