जयपुर: राजस्थान सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 33 भारतीय वन सेवा (IFoS) अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इसके साथ ही चार अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि दो एपीओ अधिकारियों को नई नियुक्तियां दी गई हैं। बड़े बदलावों में पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) शिखा मेहरा का स्थानांतरण प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (विकास) के पद पर किया जाना शामिल है। सरकार ने एपीसीसीएफ डॉ.वेंकटेश शर्मा को राजस्थान राज्य वन विकास निगम लिमिटेड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है। वहीं उत्पादन एवं वन विकास निगम के एमडी उदय शंकर को स्थानांतरित कर एपीसीसीएफ एवं सीईओ, कैंप जयपुर बनाया गया है। एपीसीसीएफ वन्यजीव राजेश कुमार गुप्ता को एपीसीसीएफ बाह्य सहायता प्राप्त परियोजना जयपुर का दायित्व दिया गया है। हाल ही में राजस्थान सरकार ने 22 RAS अधिकारियों के तबादले किए थे।
*अरुण प्रसाद वन्यजीव प्रतिपालक बने*
इसी प्रकार अरुण प्रसाद, जो अब तक एफसीए जयपुर थे, उन्हें मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जयपुर का पदभार सौंपा गया है। टीजे कविथा को एपीसीसीएफ (विकास) से बदलकर एफसीए जयपुर के नोडल अधिकारी का कार्यभार दिया गया है। मुख्य वन संरक्षक जयपुर रहे राजीव चतुर्वेदी को राजस्थान राज्य जैव विविधता मंडल का सदस्य सचिव बनाया गया है।
*रणथम्भौर में भी महत्वपूर्ण फेरबदल*
रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में भी महत्वपूर्ण फेरबदल हुआ है। वहां के निदेशक और मुख्य वन संरक्षक अनूप के.आर. अब जोधपुर में मुख्य संरक्षक के पद पर भेजे गए हैं। उनकी जगह शारदा प्रताप सिंह, जो अभी राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में सदस्य सचिव थे, को रणथम्भौर बाघ परियोजना का निदेशक नियुक्त किया गया है।
*इन लोगों के भी हुए तबादले*
शिखा मेहरा और राजेश गुप्ता के तबादले उस पृष्ठभूमि में हुए हैं, जब राज्य सरकार ने गेस्ट हाउस पर्यटकों के लिए खोलने के आदेशों का पालन न होने पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किए थे। शारदा प्रताप सिंह के स्थानांतरण के बाद कपिल चंद्रावल को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का नया सदस्य सचिव बनाया गया है। वहीं जेडीए में पदस्थ वन संरक्षक मोनाली सेन को हटाते हुए अनीता को इस पद पर तैनात किया गया है। साथ ही, एपीओ आकांक्षा महाजन को राजस्थान वानिकी एवं वन्यजीव प्रशिक्षण संस्थान, जयपुर की निदेशक एवं मुख्य वन संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।