झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव वर्ष के तहत शनिवार को सूचना केंद्र सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की योजनाओं व उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा को पुष्प अर्पित कर नमन के साथ हुई। प्रेम सिंह बाजोर ने अपने संबोधन में कहा कि बिरसा मुंडा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे, जिन्होंने ब्रिटिश उपनिवेशवाद और धर्मांतरण के प्रयासों के खिलाफ आवाज बुलंद की। उन्होंने भारत सरकार द्वारा उनकी जयंती को जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाने के निर्णय को जनजातीय समुदाय के गौरव और योगदान को सम्मान देने का प्रतीक बताया।
जिला कलेक्टर डॉ.अरुण गर्ग ने बिरसा मुंडा के अद्वितीय योगदान, संघर्षपूर्ण जीवन और जनजातीय समाज को संगठित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलाश चंद्र यादव ने बताया कि बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर पखवाड़ा मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जनजातीय समुदायों के विकास के लिए और अधिक प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम में राजस्थान स्काउट एंड गाइड के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिसमें नन्हे बच्चों द्वारा आदिवासी नृत्य विशेष आकर्षण रहा। चिकित्सा विभाग द्वारा मेडिकल कैंप का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के राज्य स्तरीय समारोह के संबोधन और गुजरात से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुना गया।
कार्यक्रम का संचालन मूलचंद झाझडिया ने किया। इस दौरान पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़, एसीईओ रामनिवास चौधरी, बनवारी लाल सैनी, प्यारेलाल ढुकिया, सीओ स्काउट महेश कालावत सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे।