अलवर: यूरिया वितरण एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए गुण नियंत्रण अभियान के तहत उर्वरक निरीक्षकों द्वारा 10 कृषि उर्वरक आदान विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के आधार पर 05 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा 1 नमूना आहरण किया गया। वर्तमान में जिले में 1800 मैट्रिक टन यूरिया तथा 1600 मैट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता एवं नियमित आपूर्ति जारी है। राज्य सरकार व कृषि विभाग द्वारा दैनिक उपलब्धता की सतत निगरानी की जा रही है, साथ ही कम उपलब्धता एवं अधिक खपत वाले ब्लॉकों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि पारदर्शी रूप से डीएपी व यूरिया का वितरण सुनिश्चित हो सके। उर्वरकों की काला बाजारी व जमाखोरी रोकने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी जिलेभर में सतर्कता से कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरकों का महावार एवं कंपनिवार आवंटन किया जाता है। प्राप्त आवंटन व मांग के आधार पर जिलेवार आपूर्ति योजना बनाई जाती है। आगामी दिनों में इफको एवं नर्मदाबायो कैम् कंपनियों की यूरिया रैक लगने वाली है। संयुक्त निदेशक कृषि (वि.) अलवर ने निरीक्षकों को निर्देशित किया कि किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड में अंकित सिफारिशों के अनुसार उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करें। साथ ही पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करते हुए अनियमितता बरतने वाले विक्रेताओं, जमाखोरों व कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। किसानों को समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए उन्हें पंक्तिबद्ध कर विभागीय कार्मिकों व प्रशासनिक देखरेख में वितरण कराया जा रहा है। विभाग ने किसान भाइयों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड व जमीन संबंधी दस्तावेज (जमाबंदी) साथ रखें तथा केवल पंजीकृत कृषि आदान विक्रेताओं से ही खरीद करें।
उर्वरक वितरण पर कड़ी निगरानी, 10 विक्रेताओं का निरीक्षण किया और 5 को नोटिस, 1 नमूना किया आहरित
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November 28, 2025
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