झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): खेमी शक्ति रोड स्थित मुनि आश्रम के सुवादेवी पाटोदिया सभागार में ऋषि सेवा समिति, चूरू एवं झुंझुनूं के सनातन प्रेमियों के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिन पूज्य राघव ऋषि जी ने कहा कि जीव प्रभु की भक्ति करता है तो उसे शक्ति मिलती है। ये उद्गार पूज्य राघव ऋषि जी ने कथा क्रम में अपार जनसमूह को देते हुए कहा। जीव यदि पूरी निष्ठा से प्रभु भक्ति करता है तो वह बलि बनता है एवं उस पर कृपा करने के लिए भगवान स्वयं वामन के रूप में पधारते हैं। परमात्मा जब द्वार पर पधारते हैं तो तीन कदम पृथ्वी अर्थात् तन, मन, धन जीव से मांगते हैं। तन से सेवा, मन से सुमिरन व धन से सेवा, जो बलि की भांति करता है। भगवान उसके द्वारपाल बनते हैं और वही अक्षुण्ण साम्राज्य को प्राप्त करता है। सत्व, रज, तमस इन तीनों गुणों को भगवान को अर्पण करो। शरीर से भगवान की सेवा करने से तमोंगुण, धन से रजोगुण और मन से समर्पण व सम्बन्ध जुड़ता है। पूज्य ऋषि जी के एकमात्र सुपुत्र सौरभ ऋषि जी ने "कथा रामजी की है कल्याणकारी" भजन सुनाया तो उपस्थित जनसमुदाय भावविभोर हो उठे। श्रद्धालु पुष्प वृष्टि व नृत्य करने लगे। रामकथा मार्गदर्शक है। अपना मन कैसा है यह जानना है तो रामायण पढ़ो। रामायण का मनन करने से उसमें अपना मन दिखाई देगा। कृष्ण चरित्र की चर्चा करते हुए पूज्य ऋषि जी ने कहा कि मन यदि सांसारिक चीज़ों का चिंतन छोड़ दे तो वह प्रभु में लीन हो सकता है। कृष्ण कथा मन को खींचती है इस कथा से ज्ञान, वैराग्य, भक्ति बढ़ती है। कृष्णावतार की कथा व झांकी के साथ में सौरभ ऋषि ने "जन्में हैं कृष्ण कन्हैया" भजन गाया तो पूरा पण्डाल ब्रज बन गया और सभी श्रोतागण भाव विभोर हो उठा। संयोजक अनिल कल्याणी ने बताया कि बुधवार की कथा में श्रीकृष्ण बाल लीला, माखन लीला, छप्पन भोग एवं गिरिराज पूजन का भव्य समारोह रहेगा। सायं 7 बजे से निःशुल्क ज्योतिष परामर्श में अनेक नगर वासियों ने निजी समस्याओं का समाधान प्राप्त किया। सायं 7 बजे से ही महात्रिपुर सुंदरी महालक्ष्मी के कृपा प्राप्त साधकों की आराधना प्रारम्भ हुई, जिसमें अष्टविनायक गणेश जी का आवाहन सविधि पूज्य ऋषिजी द्वारा कराया गया।
श्रीराम के आदर्श के बिना श्रीकृष्ण प्राप्ति असम्भव: राघव ऋषि
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September 16, 2025
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