जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): “जन-जन के लिए आयुर्वेद, पृथ्वी के कल्याण के लिए आयुर्वेद” के अंतर्गत 18 सितम्बर 2025 को रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना विभाग द्वारा “महिला स्वास्थ्य में आयुर्वेद की भूमिका” विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता डॉ.मनीषा गोयल, एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर ने महिलाओं के विभिन्न जीवन चरणों—किशोरावस्था, गर्भावस्था, प्रसवोत्तर अवस्था एवं रजोनिवृत्ति में उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आयुर्वेदिक औषधियाँ, योग, प्राणायाम और संतुलित आहार महिलाओं के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने में अत्यंत प्रभावी हैं। वक्ता ने यह भी कहा कि आधुनिक जीवन शैली और तनावजन्य रोगों के बढ़ते प्रभाव के बीच आयुर्वेद की निवारक एवं स्वास्थ्यवर्धक अवधारणाएँ आज विशेष रूप से प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण, शोधार्थी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और व्याख्यान को अत्यंत उपयोगी बताया।
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