आर्य कॉलेज पर अभिभावकों और विद्यार्थियों का फूटा गुस्सा, लगाया धोखाधड़ी का आरोप, 200 छात्र उतरे विरोध में

AYUSH ANTIMA
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जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): राजधानी जयपुर स्थित आर्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट को राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU) द्वारा अचानक बंद कर देने से लगभग 200 छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। तीसरे वर्ष (5वें सेमेस्टर) में पढ़ रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने पहले ही फीस वसूल ली, और अब जब विश्वविद्यालय ने कॉलेज को बंद किया तो उन्हें जबरन कागजों पर हस्ताक्षर करवाकर धमकाया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि RTU अधिकारी भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए केवल इतना कह रहे हैं कि “दूसरा कॉलेज लो, नहीं तो खुद जानो” — यह बयान छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। इस संदर्भ में छात्रों द्वारा पुलिस प्रशासन को 27 सितंबर को शिकायत भी दी गई थी किंतु पुलिस प्रशासन शिकायत लेकर चुपचाप बैठा विद्यार्थियों के उजड़ते भविष्य का तमाशा देख रहा है, अब तक एफआईआर दर्ज कर जांच नहीं की जा रही है। सोमवार को सभी 200 छात्र कूकस स्थित कॉलेज में जुटे थे और न्याय की मांग को लेकर कॉलेज प्रशासन से मुलाकात भी की थी और कॉलेज के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन भी किया था। विद्यार्थियों की प्रमुख मांग है कि उन्हें उसी कॉलेज (आर्य कॉलेज) से ग्रेजुएशन पूरी करने दिया जाए, क्योंकि किसी अन्य संस्थान में अचानक स्थानांतरण उनकी पढ़ाई, करियर और आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बर्बाद कर देगा। इस गंभीर मामले पर संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा —“यह शिक्षा माफियाओं और तंत्र की मिलीभगत का ज्वलंत उदाहरण है। फीस हड़प कर कॉलेज को बंद करना न सिर्फ धोखाधड़ी है बल्कि 200 परिवारों के सपनों और बच्चों के भविष्य की हत्या है। सरकार और RTU तत्काल संज्ञान लें, अन्यथा संयुक्त अभिभावक संघ बड़ा आंदोलन छेड़ेगा। हम छात्रों के साथ हर स्तर पर खड़े हैं और मांग करते हैं कि जिन बच्चों का दाखिला फीस वसूलकर किया गया है, उन्हें आर्य कॉलेज से ही पढ़ाई पूरी करने दी जाए। यदि कॉलेज को नहीं खोला जाता है तो अब तक की वसूली गई फीस तुरंत लौटाई जाए।” संयुक्त अभिभावक संघ ने साफ चेतावनी दी है कि अगर छात्रों को राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर विरोध-प्रदर्शन होगा और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। संघ ने कहा कि “न तो धोखाधड़ी बर्दाश्त होगी और न ही वादाखिलाफी,”।

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