जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): राजस्थान में अचानक बजरी एवं रोड़ी की आपूर्ति बंद हो जाने से पूरे प्रदेश का निर्माण उद्योग ठप पड़ गया है। इस संकट ने बिल्डर्स, ठेकेदारों और सबसे अधिक मजदूर वर्ग को गहरी परेशानी में डाल दिया है। निर्माण कार्यों के रुकने से हजारों मजदूरों की रोज़ाना की मजदूरी बंद हो गई है। जिन गरीब परिवारों का जीवन-निर्वाह केवल दिहाड़ी पर निर्भर है, उनके सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है। दूसरी ओर बिल्डर्स और डेवलपर्स को सरकार द्वारा तय समय-सीमा (Time Limitation) में निर्माण परियोजनाएँ पूरी करना असंभव होता जा रहा है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान होगा बल्कि खरीदारों को भी समय पर घर और फ्लैट नहीं मिल पाएंगे। क्रेडाई अध्यक्ष रविंद्र प्रताप सिंह और महासचिव आशीष अग्रवाल ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि यदि यह समस्या जल्द नहीं सुलझाई गई, तो प्रदेशभर की बड़ी परियोजनाएँ ठप हो जाएँगी और इससे रियल एस्टेट सेक्टर, मज़दूर वर्ग तथा सरकार – तीनों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। हम संबंधित विभागों और राज्य सरकार से आग्रह करते हैं कि इस समस्या का तुरंत और स्थायी समाधान निकाला जाए। निर्माण उद्योग विकास और रोजगार का बड़ा आधार है, और यदि यह संकट लंबा खिंचता है, तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन से भी हमारी अपील है कि वे इस आपातकालीन स्थिति में तुरंत हस्तक्षेप करें और अस्थायी राहत प्रदान करें, ताकि मजदूरों की आजीविका सुरक्षित रहे और निर्माण कार्य सुचारु रूप से शुरू हो सकें।
बजरी-रोड़ी की आपूर्ति ठप, राजस्थान का निर्माण उद्योग संकट में, मजदूरों की रोज़ी-रोटी पर खतरा
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August 18, 2025
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