जोधपुर (रंजन दईया): देशभक्ति की भावना को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला एक अनूठा अभियान राजस्थान के जोधपुर में सुर्खियां बटोर रहा है। एक व्यक्ति के दृढ़ संकल्प और राष्ट्रप्रेम से शुरू हुआ यह अभियान अब एक कारवां बन चुका है, जिसके तहत 3 लाख से ज्यादा लोगों के सीने पर तिरंगा बैज लगाया जा चुका है। इस पहल ने न केवल लोगों के दिलों में देशभक्ति की अलख जगाई है, बल्कि इसे विश्व रिकॉर्ड में भी दर्ज करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
*अभियान की शुरुआत और प्रेरणा*
यह अभियान जोधपुर की स्कूल से रिटायर्ड एक पीटीआई टीचर, सामाजिक कार्यकर्ता और राष्ट्रप्रेमी के नेतृत्व में शुरू हुआ। तेजराज सिंह उर्फ जब्सा ने बताया, "तिरंगा सिर्फ एक ध्वज नहीं, बल्कि हमारी एकता, साहस और स्वतंत्रता का प्रतीक है। इसे हर दिल तक पहुंचाने का मकसद था, ताकि लोग अपने देश के प्रति गर्व और जिम्मेदारी महसूस करें।" इस अभियान की शुरुआत एक छोटी सी पहल के साथ हुई थी, जो हर गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा बैज वितरित करते हैं।
*3 लाख से ज्यादा बैज और विश्व रिकॉर्ड की ओर*
पिछले 20 वर्षों में इस अभियान ने 3 लाख से ज्यादा लोगों तक तिरंगा बैज पहुंचाया है। यह अभियान न केवल स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों तक सीमित रहा, बल्कि गली-मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचा।
*हर घर तिरंगा से प्रेरणा*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "हर घर तिरंगा" मुहिम को आगे बढ़ाते हुए, इस अभियान ने लोगों को न केवल तिरंगा बैज पहनाने, बल्कि इसके महत्व को समझाने पर भी जोर दिया। बैज लगाने के साथ-साथ लोगों को तिरंगे के इतिहास और इसके रंगों—केसरिया (साहस), सफेद (शांति), और हरा (समृद्धि)—के प्रतीकात्मक अर्थ के बारे में भी जागरूक किया जाता है।
सामाजिक प्रभाव और भविष्य की योजनाएं इस अभियान का सामाजिक प्रभाव गहरा रहा है। युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हुई है। तेजराज सिंह उर्फ जबसा का अगला लक्ष्य अगले स्वतंत्रता दिवस तक 5 लाख लोगों तक तिरंगा बैज पहुंचाना है। इसके लिए वे स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना बना रहे हैं, ताकि युवा पीढ़ी को तिरंगे के गौरवशाली इतिहास और इसके प्रतीकों से जोड़ा जा सके।
*तिरंगे का सम्मान, देश का गौरव*
तिरंगा बैज अभियान ने साबित कर दिया है कि छोटी-सी पहल भी बड़े बदलाव ला सकती है। यह अभियान न केवल तिरंगे को हर दिल तक पहुंचा रहा है, बल्कि लोगों को यह याद दिला रहा है कि देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि छोटे-छोटे कार्यों में भी व्यक्त की जा सकती है। जैसे-जैसे यह अभियान आगे बढ़ रहा है, यह उम्मीद की जा रही है कि यह देशभर में राष्ट्रप्रेम की एक नई लहर पैदा करेगा।