देश में उभरते विश्वविद्यालय खिताब से सम्मानित संगम विश्वविद्यालय शैक्षणिक गतिविधियों में राजस्थान में अग्रणी

AYUSH ANTIMA
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भीलवाड़ा (श्रीराम इंदौरिया): संगम विश्वविद्यालय भीलवाड़ा के द्वारा सत्र 2024-25 में विभिन्न क्षेत्रों में बहुत बड़ी उपलब्धियां हासिल की गई है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर करुणेश सक्सेना ने प्रेस वार्ता में संबोधित करते हुए बताया कि भारत के आईआईआरऍफ़ रैंकिंग में सेतिसवां और राजस्थान में तीसरा स्थान (2024) के गौरव से गौरवान्वित संगम विश्वविद्यालय अब सभी क्षेत्रों में राजस्थान का सिरमौर बन गया है। इसी क्रम में आईआईटी बॉम्बे द्वारा भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के राष्ट्रीय भू-स्थानिक पुरस्कार 2025 में संगम विश्वविद्यालय को "उभरते विश्वविद्यालय पुरस्कार" से सम्मानित किया गया। जिसमें देश के विभिन्न प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ने इस खिताब की दौड़ में भाग लिया, जो राजस्थान से पुरस्कृत एकमात्र यूनिवर्सिटी बनी। संगम विश्वविद्यालय की ओर से यह सम्मान कुलपति प्रो. (डॉ.) करुणेश सक्सेना और भू-सूचना विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.लोकेश कुमार त्रिपाठी ने मुंबई ग्रहण किया। गत वर्ष विश्वविद्यालय के द्वारा कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एमओयू (समझौता) हुए है। जिनमें प्रमुख ब्रिटिश यूनिवर्सिटी वियतनाम, मलेशिया की दो प्रमुख यूनिवर्सिटी, दुबई, बांग्लादेश यूनिवर्सिटी, इसरो स्टार्ट 2025, गिरनार सॉफ्ट, एनआईएसएम, ग्लोबल आइटी प्रोवाइडर है। संगम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) द्वारा कोयंबटूर, तमिलनाडु में आयोजित राष्ट्रीय बिजनेस सिमुलेशन गेम्स प्रतियोगिता में चैंपियन और रनर-अप का खिताब जीतकर विश्वविद्यालय और राजस्थान का नाम रोशन किया। प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे एमआईटी-पुणे, डीबीएस-दिल्ली, आरआईटी-रुड़की सहित 450 से अधिक महाविद्यालय-विश्वविद्यालयों की टीमों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। राष्ट्रीय विजेता टीम में नवांश जागेटिया, प्रियांशु राठी, नीति व्यास रहे। उपविजेता टीम में नंदिनी टिबरेवाल, कुमकुम शर्मा, आर्यन साहनी और दीपक यादव रहे। संगम विश्वविद्यालय भीलवाड़ा की संगम इंक्लूसिव टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (आईटीबीआई) शाखा का दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में डॉ.जितेंद्र सिंह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने विज्ञान दिवस पर उद्घाटन किया गया। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार से संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा के समावेशी तकनीकी इन्क्यूबेशन सेंटर (संगम आई-टीबीआई) को चार करोड़ तेंतीस लाख रुपये के प्रोजेक्ट की अनुशंसा की गयी है। जिसके तहत विभिन्न विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां प्राप्त की हैं। जिनमें यूजीसी नेट (विधि), ऑल इंडिया गेट रैंक, फील्ड बेस वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन में चयन (अदिति पत्रिया), टेक्नोवेशन मूट कोर्ट प्रतियोगिता विजेता प्रमुख है।खेलकूद, एनसीसी, एनएसएस:2024-25 में खेलकूद प्रतियोगिता में उत्कृष्ठ प्रदर्शन रहा। विश्विद्यालय ने अखिल भारतीय अंतर विश्विद्यालय, दक्षिण-पश्चिम अंतर विश्विद्यालय एवम पश्चिम क्षेत्र अंतर विश्विद्यालय की विभिन्न खेलो में भाग है। खेलकूद में संगम विश्वविद्यालय के छात्रों ने देशभर में परचम लहराया है। जिनमें छात्रा हेतल गोयल नेे कराटे (साउथ वेस्ट जोन), जवाहर सिंह गहलोत ने क्रिकेट (विज्जी ट्रॉफी) ड्रॉप बाल में विजेता सहित वॉलीबॉल, बैडमिंटन, एथलेटिक में नाम रोशन किया है। एनसीसी में कैडेट राष्ट्रीय शिविर जैसे केशव सिंह (आईएमए देहरादून), यह्यपाल, मनीष मेहता (थल सेना कैंप, दिल्ली), ट्रैकिंग कैंप, राष्ट्रीय शूटिंग, आर्मी अटैचमेंट कैंप आदि में भाग लिया है।भारतीय समाज विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) ने "राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भू-स्थानिक दृष्टिकोण: एक सामाजिक दृष्टिकोण" विषयक सेमिनार के आयोजन हेतु आंशिक वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। इस आयोजन के लिए परिषद द्वारा ₹1,50,000/- (एक लाख पचास हजार रुपये मात्र) की आंशिक सहायता स्वीकृत की गई है, सरकार की तरफ से विश्वविद्यालय को यह 25वा प्रोजेक्ट मिला है। भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस), मानव मूल्यों और नैतिकता, प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान के तत्वों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। यूजीसी का आदेश पर संगम विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान प्रणाली पर पाठ्यक्रम शामिल करने वाला पहला विश्वविद्यालय बनकर शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी कदम उठाया है। पिछले सत्र में लगभग देश की 100+ कंपनियों ने विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं को रोजगार दिया है तथा लाखों के पैकेज पर चयन हुआ है। यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों का देश की नामचीन कंपनियों में प्लेसमेंट हुआ है। जिनमें टीसीएस, रिलायंस, टाटा, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, आईबी एम, एयरटेल, आईसीआईसीआई, अग्रणी बैंक आदि में चयन हुआ है। अच्छे प्लेसमेंट के लिए विश्वविद्यालय द्वारा जयपुर में मानव संसाधन संगोष्ठी, आईटी टेक सिंपोजियम, सर्टिफिकेशन कार्यक्रम, ऑन कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव, एमडीपी, विभिन इंडस्ट्री भ्रमण आदि समय समय पर क्रियान्वित किए जा रहे है। विभिन्न सर्टिफिकेट कोर्स जिनमें एनपीटीईएल, इसरो, स्वयं पोर्टल, स्पोकन ट्यूटोरियल, ऐडब्लूएस अकैडमी, टीसीएस, ग्रास, केओएल आदि सर्टिफिकेशन कोर्स कराए जा रहे हैं। अकादमिक गुणवत्ता में श्रेष्ठ संगम विश्वविद्यालय, मजबूत एल्युमिनाई एसोसिएशन से ओतप्रोत भीलवाड़ा के अलावा जयपुर, अहमदाबाद एल्युमिनाई चैप्टर की भी शुरुआत की जा चुकी, जिससे आपस में छात्र संघटन मजबूत होगा। संगम विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों हेतु विभिन्न सोसाइटी एवं क्लब जैसे कल्चरल सोसायटी, टेक्निकल सोसाइटी, प्रोफेशनल सोसाइटी, लिटरेरी सोसाइटी, सोशल एंड ग्रीन सोसाइटी, फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट सोसाइटी बनाए गए है। कुलपति प्रोफ़ेसर करुणेश सक्सेना ने बताया कि “भारत ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व आज शिक्षा के क्षेत्र में नित नयी चुनौतियों से जूझ रहा है, अतःइस स्थिति में शिक्षाविदों को शिक्षा के क्षेत्र में नवचार करना अत्यन्त आवश्क हो जाता है।विश्वविद्यालय में वर्तमान में इंजीनियरिंग, प्रबंधन, कृषि, नर्सिंग, मेडिकल, विधि, बेसिक अप्लाइड साइंस, कला, एजुकेशन, वोकेशनल आदि संकाय में कोर्स चलाए जा रहे है, जिसमें संगम ग्रुप चेयरमैन रामपाल सोनी द्वारा विभिन्न श्रेणियों में छात्रवृति द्वारा विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने में मदद मिल रही है। प्रो वाइस चांसलर, प्रो. (डॉ.) मानस रंजन पाणिग्रही ने बताया कि संगम विश्वविद्यालय ने शोध में एक ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त करी है, जिसके अंतर्गत विश्वविद्यालय की फैकल्टी ने 120 से अधिक पेटेंट तथा 750 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए जा चुके संचालित पाठ्क्रम से विद्यार्थी शिक्षा क्षेत्र में शैक्षणिक, प्रशासनिक और प्रबंधकीय पेशेवरों को शैक्षिक नेतृत्व के महत्वपूर्ण आयामों को समझने और कौशल, दक्षता दृष्टिकोण विकसित करने के लिए तैयार हो रहा है। “एनईपी 2020" के विशेष संदर्भ में शैक्षिक समाज की वर्तमान आवश्यकताओं को क्रियान्वित करने पर जोर दिया जा रहा है। नवनियुक्त रजिस्ट्रार डॉ.आलोक कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय में संचालित सभी कोर्स यूजीसी, रेगुलेटरी काउंसलिंग द्वारा मान्यता प्राप्त है तथा पूरे भारत से फैकल्टी, स्टाफ, विद्यार्थी यहां आए हुए। प्रेस वार्ता में विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूल के डीन, डिप्टी डीन, डायरेक्टर, उत्कृष्ट छात्र छात्राएं आदि उपस्थित थे। पीआरओ डॉ.राजकुमार जैन ने संचालन किया तथा अंत में सभी संपादक, पत्रकारों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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