सीकर (श्रीराम इंदौरिया): राजस्थान उच्च न्यायालय ने छात्र को अनावश्यक प्रताड़ित की एवज में एसएम नीमावत स्कूल, फतेहपुर, शेखावटी जिला सीकर के निदेशक पर एक लाख रूपये का हर्जाना अधिरोपित करते हुये स्कूल को हर्जाना राशि छात्र को अदा करने के निर्देश दिये है।
अधिवक्ता अखिलेश के पारीक एवं अमित गुप्ता ने बताया कि छात्र सीबीएसई बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं कक्षा की परीक्षा गणित एवं विज्ञान विषय में सम्मिलित हुआ था, जिसमें स्कूल की लापरवाही के कारण छात्र को अनुपस्थित दर्शाते हुये फेल कर दिया गया, फिर भी स्कूल द्वारा छात्र को 12वीं पास दर्शाते हुये स्थानान्तरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया तथा छात्र द्वारा बी.टेक (सिविल) की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली गई। बी.टेक की डिग्री के एम.टेक में प्रवेश के समय विद्यार्थी को 12वीं की अंकतालिका प्रस्तुत करने हेतु कहा गया तब उसने स्कूल प्रशासन से अपनी अंकतालिका मांगी तो उसे स्कूल की लापरवाही का पता चला, जिस पर उसने माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर कर रसायन विज्ञान में प्राप्त अंको को पूर्व अंक तालिका में जोड़ते हुये नई अंकतालिका जारी करवाने की प्रार्थना की, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने रिट याचिका स्वीकार फरमाते हुये बोर्ड को नई अंकतालिका जारी करने के साथ स्कूल पर छात्र को प्रताड़ित करने की एवज में एक लाख रूपये का जुर्माना अधिरोपित करने का आदेश सुनाया।