निवाई (लालचंद सैनी): सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में आयोजित दशलक्षण धर्म के तहत शुक्रवार को शहर के सभी दिगम्बर जैन मंदिरों में उत्तम मार्दव धर्म की विशेष पूजा अर्चना की गई, जिसमें शहर अष्ठ जिनालयों में श्रद्धालुओं ने विधिवत मंत्रोच्चार द्वारा पूजा अर्चना की। जैन धर्म प्रचारक सुनील भाणजा व विमल जौंला ने बताया कि श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में विधानाचार्य पं. सुरेश शास्त्री के सानिध्य में ऋषि मण्डल विधान का आयोजन किया गया। जिसमें सोधर्म इन्द्र नवीन खंडवा ने श्रीफल अघ्र्य चढ़ाकर पुण्यार्जन किया। इसी प्रकार बपूई वालों के मंदिर में सोधर्म इंद्र शिखरचंद काला व महावीर मित्तल ने मंडप पर 11 अर्ध्य चढ़ाए। नसियां जैन मंदिर, बिचला जैन मंदिर में सोधर्म इन्द्र अशोक माधोराजपुरा, श्री दिगंबर जैन अग्रवाल मंदिर में भगवान की शांतिधारा अमित कटारिया, विष्णु बोहरा, सुशील आरामशीन, दिनेश चंवरिया, नेमीचंद गंगवाल, महावीर पराणा, लालचंद कठमाणा, दिलीप भाणजा, हेमंत चंवरिया, मोहित चंवरिया, योगेंद्र सिंघल, नितिन छाबड़ा, अनंत बनेठा, हितेश छाबडा, रामपाल चंवरिया, हर्षित संघी व मनीष झिलाय ने की। इस दौरान पाश्र्वनाथ जैन मंदिर शिवाजी कॉलोनी सहित सभी जैन मंदिरों में दशलक्षण धर्म की विशेष पूजा आराधना की गई। उन्होंने बताया कि शहर के सभी जिनालय में शाम को महाआरती एवं धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढक़र भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं को उपहार प्रदान किए गए। इसी प्रकार विज्ञातीर्थ पर ज्ञानश्री माताजी ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दशलक्षण पर्व के दिनों का विशेष महत्व होता है, इन दिनों में श्रावक क्रोध, मान, माया व लोभ सभी पापों को त्याग कर भगवान की भक्ति में लीन हो जाना चाहिए। जिससे उनके पापों का प्रायश्चित हो जाता है।
पर्युषण पर्व पर उत्तम मार्दव धर्म के दिन श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
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August 29, 2025
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