कोटपूतली-बहरोड़ (ओम प्रकाश टेलर): राजस्थान पुलिस अब तक की सबसे बड़ी तकनीकी छलांग की ओर बढ़ रही है। कोटपूतली से बुधवार को 'AI Cop 2025' अभियान की शुरुआत की गई, जो आने वाले समय में पुलिसिंग को पूरी तरह बदलने वाला कदम माना जा रहा है। इस अभियान की शुरुआत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की गई, जहाँ जिले के पुलिस स्टाफ को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), डेटा-एनालिटिक्स, और तकनीक की मदद से अपराध नियंत्रण में नई शक्ति देने की दिशा में पहला कदम उठाया गया। कार्यक्रम के तहत पुलिसकर्मियों को अब डिजिटल टूल्स से लैस किया जाएगा, जिनमें अपराध की निगरानी, सोशल मीडिया विश्लेषण, ट्रैफिक कंट्रोल और इमरजेंसी रिस्पॉन्स जैसी क्षमताएं होंगी। 'AI Cop 2025' के माध्यम से कोटपूतली जिले की पुलिस को भविष्य की तकनीकों से लैस किया जाएगा, जिससे अपराध पर तेज़ी से कार्रवाई संभव हो सकेगी। इस अभियान का उद्देश्य पुलिसिंग को तकनीकी रूप से स्मार्ट, फास्ट और डेटा-ड्रिवन बनाना है। इसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा, क्योंकि अब शिकायतों का निस्तारण तेज़ी से होगा और अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। कोटपूतली से शुरू हुए इस अभियान को धीरे-धीरे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। इसके अंतर्गत पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी जाएगी, नई AI आधारित मोबाइल और वेब एप्लिकेशन का उपयोग सिखाया जाएगा, और हर स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मज़बूत किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान एसपी कार्यालय में एक पोस्टर विमोचन कार्यक्रम भी हुआ जिसमें 'AI Cop 2025' के उद्देश्य और रणनीतियों को विस्तार से बताया गया। पुलिस स्टाफ के साथ-साथ तकनीकी विशेषज्ञों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी इस पहल की सराहना की। राज्य में यह पहल पुलिसिंग के डिजिटलीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है और उम्मीद की जा रही है कि अन्य जिले भी जल्द ही इस योजना से जुड़ेंगे।
कोटपूतली से भरी 'AI Cop 2025' की उड़ान, अब जिले की पुलिस को मिलेंगे AI के सुपरपावर्स
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August 06, 2025
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