अलवर (ब्यूरो): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित हरियालो राजस्थान अभियान के तहत हरियाली तीज के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान के अंतर्गत कटी घाटी स्थित कन्या उपवन में वन महोत्सव-हरियालो राजस्थान 2025 का जिला स्तरीय पौधारोपण कार्यक्रम केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रभारी मंत्री एवं कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने शिरकत की। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने उपस्थित जनसमूह को हरियाली तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत एक विशेष पहल है। धरती मां हमें प्राणवायु से लेकर खाद्यान्न, ऊर्जा व औषधि तक सब कुछ देती हैं। उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का यह अभियान जन-जन में प्रकृति के प्रति जुड़ाव पैदा करने का प्रयास है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को पर्यावरण शपथ भी दिलाई।
*सिलीसेढ़ झील को मिलेगा रामसर साइट का दर्जा*
उन्होंने झीलों की महत्ता बताते हुए कहा कि जैसे वृक्ष फेफड़ों का कार्य करते हैं, वैसे ही झीलें हमारी किडनी का कार्य करती हैं। अलवर की सिलीसेढ़ झील को रामसर साइट का दर्जा दिलाने के लिए विदेश मंत्रालय विशेष प्रयास कर रहा है। हाल ही में रामसर कन्वेंशन में भाग लेकर उन्होंने महासचिव डॉ.मुसोंडा मुंबा को झील का चित्र उपहार स्वरूप भेंट किया। उन्होंने बताया कि झील की सफाई और डी-शिल्टिंग कराई गई है, जयसमंद नाले को चैनलाइज़ करने के लिए 3 किलोमीटर लंबाई के कार्य हेतु ₹50 लाख का तक़मीना तैयार हुआ है। रूपारेल नदी पुनर्जीवन के लिए डीपीआर भी बन चुकी है।
*बिना भेदभाव के सर्वांगीण विकास का संकल्प*
यादव ने कहा कि अलवर को स्वच्छता, पर्यटन व विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। पहले जहां अलवर की स्वच्छता रैंकिंग 354 थी, अब वह 54वें स्थान पर पहुंच गई है। 3-10 लाख आबादी वाले शहरों में अलवर को प्रदेश में चौथा स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन जनता की सोच और व्यवहार में आए बदलाव का प्रमाण है।
*अलवर के पर्यटन व आध्यात्मिक केंद्रों को मिलेगा नया आयाम*
उन्होंने कहा कि अलवर की धरती महाराज भर्तृहरि और उदयनाथ जैसे तपस्वियों की भूमि रही है। यहां नीति शतक, श्रृंगार शतक और वैराग्य शतक जैसी अमूल्य रचनाएं रची गईं। सरकार भर्तृहरि धाम का विकास करेगी और अलवर टाइगर मैराथन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
*पर्यावरण संरक्षण के लिए केंद्र व राज्य सरकार की प्रतिबद्धता*
डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि वृक्ष जीवन का आधार हैं और हमें अधिकाधिक पौधारोपण कर उनकी देखरेख करनी चाहिए। उन्होंने कन्या उपवन में अर्धसैनिक बलों, एनसीसी, स्काउट-गाइड द्वारा किए जा रहे पौधारोपण की सराहना की और अलवर में बायोलॉजिकल पार्क विकसित करने की घोषणा की।
*जन भागीदारी से रचेगा पौधारोपण का इतिहास*
राज्यमंत्री संजय शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष राज्य में 7.35 करोड़ पौधे लगाए गए जिनमें से 6 करोड़ पौधों की फोटो My Life Portal पर अपलोड की गई। 70% पौधे जीवित हैं और शेष के स्थान पर नए पौधे लगाए जा रहे हैं। अलवर के लिए बायोलॉजिकल पार्क की डीपीआर तैयार हो गई है और एनओसी प्राप्त हो चुकी है। इसमें 70% हरित क्षेत्र और 30% एनक्लोज़र रहेंगे। सरिस्का टाइगर रिजर्व में अब 48 बाघों की उपस्थिति दर्ज की गई है।*
*वन विभाग द्वारा मियावाकी पद्धति से पौधारोपण*
उप वन संरक्षक राजेंद्र हुड्डा ने बताया कि कन्या उपवन में 10,000 पौधे मियावाकी पद्धति से रोपे गए। इनमें बरगद, पीपल, गूलर, अर्जुन, जामुन, नीम सहित कई प्रजातियाँ शामिल हैं। जिले भर में एक दिन में 10 लाख पौधे लगाकर ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया गया। बटरफ्लाई पार्क भी कन्या उपवन में 3 हैक्टेयर में विकसित होगा।