बगड़ (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): बगड़ सीएचसी के स्टाफ क्वाटर्स को लेकर प्रशासन शायद झालावाड़ जैसी दुखद घटना का इंतजार कर रहा है। डबल इंजन सरकार की दुहाई देने वाले झुंझुनूं विधायक, बगड नगर पालिका पर भाजपा काबिज है और भाजपा संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष का यह गृह नगर होने के बावजूद बगड़ सीएचसी के स्टाफ के लिए बने क्वाटर्स जीर्ण शीर्ण अवस्था में नजर आ रहे हैं लेकिन यदि उपरोक्त महानुभावो के संज्ञान में इस बात को लाया जायेगा तो उनका भी शायद वही जबाब होगा, जो प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने स्कूलों की जर्जर अवस्था को लेकर दिया था कि "ऐसा नहीं कि उन पैसों से अपना घर बनवा रहे हैं और अपनी जेब से पैसे निकालकर आधी रात को काम शूरू करवा दूं। इन स्कूलों से अपनी जेब से पैसा देना संभव नहीं है। धनराशि जारी करने की एक प्रकिया होती है, जिसमें समय लगता है।" उपरोक्त शब्द उस डबल इंजन सरकार के शिक्षा मंत्री के है, जिसमें असंवेदनशीलता झलकती है। विदित हो कांग्रेस के प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंह ने एक बयान में कहा था कि पैसे पेड़ के नहीं लगते, जिसका भाजपा आज तक उपहास उड़ाती आ रही है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस तरह के कामों की जवाबदेही किसकी है। एक ज्वलंत प्रश्न झुंझुनूं के आवाम की आंखों के आगे तैर रहा है कि क्या इस तरह के विकास की बाते सुनने के लिए भाजपा को सत्ता सौपी थी।
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