चिड़ावा (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): प्रत्येक कार्य के शुभारम्भ पर भगवान गणेश की पूजा ध्यावना एवं स्तवन से सभी कार्य निर्विघ्न पुरे होते है। श्रीगणेश प्रथम पूज्य एवं विघ्नहर्ता है। समस्त देवो ने मिलकर गणेशजी को अपना अध्यक्ष बनाया तथा प्रथम पूजा का अधिकार दिया। उक्त विवेचना सेहिकलां के शिवालय मंदिर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा में चतुर्थ दिवस वाणीभूषण प्रभुशरण तिवाड़ी ने गणेश जन्मोत्सव के प्रसंग पर प्रवचन देते हुए कहे। तिवाड़ी ने गणेशजी को बुद्धि का देवता बताया तथा उनका स्तवन सबके लिए श्रेयस्कर बताया। कथा मे स्वामि कार्तिक, चंद्रचूड़, वानासूर सहित अनेक प्रसंग की कथा सुनाई गई। कथा से पूर्व पंडित सियाराम शर्मा ने यजमान गजानंद शर्मा को सपत्निक पूजन करवाया। वही कथा में सजाई गई माता पार्वती एवं श्री गणेश जी की सजीव झांकी व सुमधुर कर्णप्रिय संगीत ने वातावरण में भक्ति रस घोल दिया। कथा मे अशोक शर्मा, डॉ.जगदीश शर्मा, हजारी लाल शर्मा, विक्रम शर्मा, संतोष शेखावत, मनोज नायक, राकेश पूनिया, रवि वर्मा, सत्यनारायण वर्मा, नन्दलाल स्वामी, रामभगत पूनिया, बुद्धिधर कुलहरी, भागीरथ मल शर्मा, अरविन्द शर्मा, अशोक शर्मा, कैलाश शर्मा , रतिराम महरिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला पुरुष मौजूद रहे।
देवो ने मिलकर गणेशजी को बनाया है अपना अध्यक्ष तथा प्रथम पूजा का दिया है अधिकार: तिवाड़ी
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July 28, 2025
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