चिड़ावा (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर उपजे विरोध ने अब तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को अखिल भारतीय किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष बजरंग लाल बराला के नेतृत्व में किसानों ने उपखंड अधिकारी डॉ.नरेश सोनी के माध्यम से मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें स्मार्ट मीटर योजना को तत्काल प्रभाव से बंद कराने की मांग की गई। बराला ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं को भ्रमित कर पहले से चालू मीटर को तोड़कर जबरन स्मार्ट मीटर लगा रहा है, जबकि पुराने मीटर सही चल रहे हैं और उपभोक्ताओं ने उनके लिए पहले ही भुगतान कर रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने के पीछे सिर्फ व्यापारिक मंशा है, न कि उपभोक्ता हित। ज्ञापन में कई अहम बिंदुओं को उठाया गया—
पहले से लगे मीटर पूरी तरह चालू हैं, फिर भी उन्हें हटाया जा रहा है।
* स्मार्ट मीटर के नाम पर 25,000 रुपये तक की वसूली उपभोक्ताओं से की जाएगी।
* यदि रात को कार्ड खत्म हो जाए तो पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ सकती है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी समस्या बन सकती है।
* किसान सभा ने चेतावनी दी कि किसी भी शहर या गांव में जबरन स्मार्ट मीटर नहीं लगने दिए जाएंगे और यदि जबरदस्ती की गई तो "लठ्ठ मारो" आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बराला ने साफ कहा कि अगर इस मुद्दे पर कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार की होगी। इस दौरान बिजली विभाग के सहायक अभियंता चिड़ावा को भी ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से सुभाष गोदारा, बालकिशन कटेवा, चौधरी रंगलाल लमोरिया (राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रगतिशील किसान यूनियन), सकील बामनवास, वकील वीर प्रकाश, राम सिंह सहित कई किसान उपस्थित रहे। इस विरोध से यह साफ हो गया है कि स्मार्ट मीटर योजना को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है।