अलवर (ब्यूरो): मालाखेड़ा के सरपंच, पंचायत समिति सदस्यों सहित स्थानीय ग्रामीणों ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए स्थानीय डीड राइटर, स्टांप विक्रेताओं और वेंड़रों पर बड़ा आरोप लगाते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में मालाखेड़ा तहसील में बैठने वाले स्टांप विक्रेताओं, ड़ीड राइटरों और वेन्डरों पर आरोप लगाया कि वह मालाखेड़ा तहसीलदार के नाम पर तहसील में अवैध वसूली कर रहे है।
ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार पर काम करवाने के नाम पर तहसील में काम से आने वाले परेशान व्यक्तियों से पैसे वसूलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर आमजन सीधा तहसीलदार से मिलता है तो उनकी कार्यशैली बहुत अच्छी है। तहसीलदार से सीधा मिलने में काम निशुल्क हो जाते हैं लेकिन स्थानीय बैठे हुए स्टांप विक्रेता जान बूझकर किसी भी पीड़ित व्यक्ति को रोककर बाकायदा उससे शुल्क की मांग करते है, साथ ही तहसील संबंधित काम से आए हुए लोगों से मनमानी रकम वसूलते हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में स्थानीय नेता हरकेश मीणा, सोनू मीणा, कासम एमपीएस, इलियास, साहिल, बनवारी, एसके मालाखेड़ा, उत्तम बसवा आदि लोग मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर डीड राईटर्स और स्टांप वेन्डर्स की आपसी फूट भी उजागर हो गई, जिसमें कुछ स्टांप विक्रेताओं ने अपने अन्य साथियों पर यह आरोप लगाते हुए कहा कि तहसीलदार को झूठा ज्ञापन दिया गया है, जिसमें कुछ विक्रेता शामिल नहीं है।