अमरकंटक/एमपी (श्रीराम इंदौरिया): मृत्युंजय आश्रम अमरकंटक में पूज्य श्री महामंडलेश्वर हरिहरानंद सरस्वती जी महाराज जी ने हे शारदे मां साझा काव्य संकलन का लोकार्पण किया। महाराज जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे संकलन साहित्य जगत के लिए अत्यंत आवश्यक है, ऐसे संकलन हमारे आध्यात्मिक एवं अलौकिक प्राण शक्ति को उजागर करती है। समाज को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस नश्वर जगत में साहित्यिक ग्रंथ मात्र अमर रहती है। ग्रंथों ने हमेशा ही हमारा मार्गदर्शन किया है। 'हे शारदे माँ' इस संकलन के प्रधान संपादक डॉ.सुनील परीट ने ग्रंथ परिचय के रूप में कहा कि इस संकलन में देश भर के 130 रचनाकारों की रचनाएँ माँ शारदे को समर्पित हैं। इस संकलन के सह संपादक के रूप में डॉ.बीजे पटेल 'ब्रिजेश', डॉ.करशन जे. सुवागिया 'आखिरी बिलखी' और राधेश्याम 'रागी' अपना अमूल्य सहयोग प्रदान की है। यह संकलन माँ शारदे को समर्पित एक अत्यंत सुंदर एवं विलक्षण संग्रह है। कार्यक्रम में भागवत कथाकार अतुल कृष्ण जी, कई महात्मा, संत एवं मोहम्मद बाद के प्रसिद्ध रसगुल्लेवाले राजीव दीक्षित, अमरकंटक नगर परिषद के सीएमओ आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम का सुंदर संचालन छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार अग्ररत्न डॉ.गिरधारी लाल 'गिरधर' जी ने किया। इस कार्यक्रम में देश भर के कई साहित्यकार एवं महाराज जी के भक्त उपस्थित थे।