पुष्कर/अजमेर: धार्मिक नगरी पुष्कर में श्रीमद् ब्रह्मा भागवत संगीतमय ज्ञान सप्ताह यज्ञ के छठवें दिवस मंगलवार को प्रेम प्रकाश आश्रम में कथा में कृष्ण-रुक्मणी विवाह हर्षोल्लास के साथ विधिवत रूप से कराया गया। विवाह के पश्चात श्रोताओं को बधाईयां लुटाई गई।
व्यासपीठ से कथावाचक श्रीमन्माध्वगौडेश्वर वैष्णवाचार्य पुण्डरीक गोस्वामी ने कहा भक्तों की कथा कठिन होती हैं। उन्होंने कहा कि कथा करने से भगवान प्रसन्न होते हैं। जब कथा की चर्चा होती हैं तो नारायण के यहाँ भी कथा की चर्चा की जातीं हैं।
गोस्वामी ने कहा कि भगवान के पास लौकिक कामना से नहीं जाना चाहिए। यदि लौकिक कामना से कोई भगवान के पास जाता है तो भक्त भगवान के पास पहुँच नहीं पाता है, उसकी कामना वहीं पूरी हो जाती हैं। यदि कोई लौकिक कामना नहीं की तो वह निश्चय ही भगवान के पास पहुँच सकता है। उन्होंने कहा कि बचपन चला जाए वह प्रारब्ध है, बचपन न जाए वह सत्य है। कथा में प्रतिदिन दूर दराज़ से भक्तों के अलग-अलग जगह से संतों का भी कथा मे आगमन हो रहा है। बुधवार को कथा की पूर्ण आहुति होगी। व्यासपीठ से कथावाचक गोस्वामी महाराज ने कहा कि कथा प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक होगी। कथा के पश्चात हवन पूजन के साथ भगवान अपने धाम को जाएँगे, कथा का विश्राम होगा। आयोजक परिवार पंडित सुरेश शर्मा, नरेंद्र शर्मा एवं वेंकटेश शर्मा द्वारा आये हुए संतों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। बताया गया लाइव प्रसारण यूट्यूब के माध्यम से होने से कथा श्रवण करने का लाभ सुदूर देशों के भक्तों को मिला। गोस्वामी सोमवार की रात्रि में कन्हैया लाल खत्री मोनू के यहाँ पदरावणी की। इसी प्रकार से पदरावणी ललित सदनानी के अपने अनुयायियों के साथ की। सभी जगह आतिशबाजी कर गोस्वामी महाराज का भव्य स्वागत किया गया। मंगलवार को दीक्षा समारोह में सैंकड़ों भक्तों ने दीक्षा ली।