जयपुर (श्रीराम इंदौरिया): राजेश अग्रवाल पुत्र केशर देव अग्रवाल को डमी फर्म्स खोलकर मिथ्या आगत कर का लाभ लिये जाने एवं फेक इनवॉइसेज के माध्यम से मिथ्या आगत कर पास ऑन
भी किये जाने के आरोप में वृत-सी, प्रवर्तन शाखा तृतीय, राजस्थान, जयपुर द्वारा 25 मार्च को गिरफ्तार किया गया। राजेश अग्रवाल द्वारा स्वयं के नाम पर पंजीकृत फर्म M/S AUTO JUNCTION, (LEGAL NAME RAJESH AGARWAL), GSTIN: 08ABSPA0639C2ZX के अतिरिक्त स्वयं के परिवारजनों के नाम पर संचालित फर्मों में एक लिमिटेड कम्पनी के एप पर OLX, Car Dekho इत्यादि वेबसाइट पर बिक्री हेतु डाली गयी कारों, R.T.O Agents के माध्यम से बिकी हुई कारों अथवा रास्ते में चलती हुई कारों की डिटेल विभिन्न बिजनेस लॉगिन आईडी बनाकर अपलोड़ कर दी जाती थी, जिसके एवज में कमीशन प्राप्त किया जाकर मिथ्या आगत कर का लाभ पहुंचाया एवं कमीशन प्राप्त किया जाकर करापवंचन किया। इसके अतिरिक्त उसके द्वारा उसकी फर्म में कार्यरत जरूरतमंद व्यक्त्तियों/कार्मिकों को लोन इत्यादि दिलवाने का लालच दिया जाकर उनके आधार कार्ड एवं पैन कार्ड का उपयोग कर वस्तु एवं सेवा कर के अन्तर्गत डमी फर्म्स बनाकर उपरोक्तानुसार ही मिथ्या आगत कर का लाभ पहुंचाया जाकर कमीशन प्राप्त किया गया। राजेश अग्रवाल द्वारा उक्त डमी फर्म्स के खातों का संचालन भी स्वयं ही किया जाता था। उक्त डमी फर्मों के खातों में प्राप्त कमीशन की राशि को राजेश अग्रवाल द्वारा स्वयं अथवा परिवारजनों के खातों में स्थानान्तरित कर लिया जाता था। अद्यतन जांचानुसार राजेश अग्रवाल द्वारा परिवारजनों एवं अन्य डमी फर्म्स के माध्यम से लगभग 86 करोड़ से अधिक के फेक इनवॉइसेज प्राप्त किये एवं 15.54 करोड का मिथ्या आगत कर क्लेम किया तथा बाद में लगभग 92 करोड से अधिक के फेक इनवॉइसेज के माध्यम से कर राशि रूपये 16.65 करोड को पास ऑन/यूटीलाइज भी किया गया। अग्रिम जांच में करोडों की राजस्व हानि उजागर होने की संभावना है।
वृत-सी. प्रवर्तन शाखा-तृतीय, राजस्थान, जयपुर द्वारा की गयी अद्यतन जांच के उपरांत मुख्य आयुक्त प्रकाश राजपुरोहित द्वारा धारा 69 of RGST/CGST Act, 2017 के अन्तर्गत स्वीकृति आदेश जारी किया गया। तत्पश्चात् जयदेव सी.एस, विशेष आयुक्त (प्रवर्तन) के मार्गदर्शन एवं शिशुपाल सिंह, अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन), राज्य कर, प्रवर्तन शाखा-तृतीय, जयपुर के पर्यवेक्षण में छवि कुन्तल, संयुक्त आयुक्त, वृत्त-सी, प्रवर्तन शाखा-तृतीय, जयपुर के नेतृत्व में हिमांशु शर्मा, सहायक आयुक्त द्वारा राजेश अग्रवाल को 25 मार्च को गिरफ्तार किया गया। सहायक आयुक्त, उमेश कुमार सोनी, राज्य कर अधिकारी रामस्वरूप यादव, आलोक जैमन, गौरव शर्मा, सौम पचौरी, जीतराम गुर्जर एवं राजकुमार यादव टीम में शामिल रहें।