अतिक्रमियों और ठेकेदार की मनमानी के आगे अधिकारी पस्त, गोचर भूमि छोड़ कोर्ट स्टे लगी जमीन पर निकाल रहे रोड, गाड़े बिजली के खंभे

AYUSH ANTIMA
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जयपुर: गोचर भूमि पर अतिक्रमियों से ठेकेदार की मिलीभगत की कोर्ट स्टे लगी जमीन पर रोड बनाई जा रही है जबकि गोचर भूमि अतिक्रमण के तले दबी पड़ी है। मामला पावटा तहसील के गांव पण्डितपुरा का है। सार्वजनिक निज विभाग द्वारा यहां ग्रेवल रोड पर एमडीआर रोड बनाए जाने का कार्य चल रहा है, उपरोक्त सड़क निर्माण में अधिकृत ठेकेदार गोचर की भूमि (खसरा नम्बर 748, पण्डितपुरा) छोड़कर खरीदशुदा भूरूपान्तरित भूमि (खसरा नम्बर 747/ 0.40, पण्डितपुरा) को बिना अवाप्त किये सड़क का निर्माण कार्य कर रहे हैं, खरीदशुदा इस जमीन पर कोर्ट का स्टे लगा है, जिसे भी दरकिनार कर दिया गया, जबकि गोचर की भूमि पर अतिक्रमियों का कब्जा है, अतिक्रमियों से गोचर भूमि को ना प्रशासन मुक्त करवा रहा है और ना ही पुलिस द्वारा अतिक्रमियों पर कोई कार्रवाई हुई, रजिस्ट्रीशुदा जमीन मालिक अलग अलग विभागों के चक्कर काटकर आंख बंद करके किए जा रहे ऐसे कार्य पर रोक लगाने की अपील कर रहे हैं। पीड़ितों पर अतिक्रमी जानलेवा हमला भी कर चुके हैं, बड़ी विडंबना ये है कि न्यायालय की अवमानना के बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है, ना प्रशासन जाग रहा है और ना पुलिस होश संभाल रही है।

*कोर्ट स्टे लगी जमीन पर ही गाड़ दिए बिजली के खंभे*

अति तो तब हो गई जब स्टे लगी जमीन पर बिजली के खंभे भी गाड़ दिए गए, जबकि एसडीएम कार्यालय, बिजली विभाग, एईएन ऑफिस समेत सभी संबंधित विभागों में कोर्ट स्टे पेश किया गया है, उसके बावजूद अब तक ना पीड़ितों की जमीन से अवैध रोड निर्माण हटाया गया है और ना ही अवैध बिजली के खंबे हटाए गए, पीड़ित मुकेश और महेश चंद्र शर्मा ने बताया कि वे सभी जिम्मेदार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भी दे चुके हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जब वे अपनी जमीन पर गए तो अतिक्रमियों ने उन पर और उनके परिचितों पर जानलेवा हमला भी कर दिया, जिसकी फरियाद उन्होंने प्रागपुरा थाने में भी दी है पर लगभग दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक हमलाकर्ताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

*जिम्मेदारों पर अतिक्रमियों और ठेकेदारों की मनमानी भारी*

मामले की जानकारी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों ने ठेकेदार को पाबंद करने की बात भी कही, लेकिन अधिकृत ठेकेदार ने इस आदेश को भी हवा कर दिया और अब तक अवैध निर्माण कार्य को कोर्ट स्टे लगी जमीन से नहीं हटाया, जबकि गोचर भूमि पर अतिक्रमियों का कब्जा यथावत है, वहीं बिजली विभाग में स्टे ऑर्डर पेश करने के बाद भी जिम्मेदार अफसर अब तक अवैध तरीके से कोर्ट स्टे लगी जमीन पर गाड़े गए बिजली के खंभों को नहीं हटवा पाए हैं, अतिक्रमियों का रसूख और ठेकेदारों की मनमानी इस कदर है कि जिम्मेदार अधिकारी भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।

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