शिक्षक हितों पर आर पार की लड़ाई का शंखनाद, RPCC की पहली बैठक में बनी रणनीति

AYUSH ANTIMA
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जालौर: RPCC शिक्षक प्रकोष्ठ की ऐतिहासिक प्रथम बैठक रविवार को शक्ति सराय, आहोर में प्रदेश सचिव कानाराम सिंघल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आए शिक्षकों ने वेतन विसंगति, पे प्रोटेक्शन, स्थाई नियुक्ति सहित 9 ज्वलंत मुद्दों पर गहन मंथन कर सरकार से तत्काल समाधान की मांग की। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित मांग कर मांग की कि शिक्षाकर्मी, सहयोगी, पैरा टीचर, RPSC चयनित शिक्षकों एवं प्रबोधकों को पुरानी सेवा का लाभ एवं पे प्रोटेक्शन दिया जाए। स्पष्ट किया गया कि शिक्षकों का पैतृक विभाग शिक्षा विभाग ही है, अत: सभी संवर्णों का न्यायपूर्ण वेतन दिया जाए। बैठक में प्रमुख मांगे सभी शिक्षक संवर्गो की वेतन विसंगति तुरंत दूर हो, आठवां वेतन आयोग समय पर लागू किया जाए, संविदा प्रथा बंद कर सभी पदों पर नियमित नियुक्ति हो, निजी विद्यालयों की RTE राशि का समय पर भुगतान हो, सेवानिवृत्त कार्मिकों को उपार्जित वेतन, ग्रेच्युटी, कम्यूटेड पेंशन आदि समस्त परिलाभ एक सप्ताह में मिले, 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से पूर्णतः छूट दी जाए, शिक्षकों का पैतृक विभाग शिक्षा विभाग ही माना जाए, DPC की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर कर पदोन्नति दी जाए। बैठक में उपस्थित शिक्षकों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि शिक्षक 18 साल से अन्याय सह रहा है।अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। हमारी एकता और ताकत का एहसास कराएंगे। यह आरपार की लड़ाई है।
बैठक में मोहन लाल राठौड़ सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, अचलाराम चौहान सेवानिवृत व्याख्याता, जबरमल सोलंकी थांवला, सूजाराम कोराना, हिम्मताराम बोहरा, नरेंद्र कुमार बोस, प्रेमाराम प्रबोधक, वीरकाराम राणा छिपरवाड़ा, विक्रम सोलंकी उम्मेदपुर, विरमाराम कोटड़ा, तिलोकराम छिपरवाड़ा, नाथा राम अगवरी, दिनेश कुमार पावटा सहित बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, व्याख्याता व निजी विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे।

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