जयपुर: राजस्थान सरकार के महत्वाकांक्षी “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” के अंतर्गत सोमवार को शील की डूंगरी बांध पर जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं जन-जागरूकता को समर्पित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 100 ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता भुवन भास्कर रहे। उनके नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जल पूजन के साथ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य जल अर्घ्य, कैलाश यात्रा, जल पर चुनरी अर्पण एवं सामूहिक जल शपथ जैसे आयोजनों के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति जन-जागरण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर मुख्य अभियंता भुवन भास्कर ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं जनभागीदारी आधारित जल प्रबंधन को समय की आवश्यकता बताते हुए सभी से जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान बांध परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। उपस्थित ग्रामीणों एवं अधिकारियों ने पौधों के संरक्षण तथा जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। साथ ही जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु सामूहिक प्रयास करने का संदेश दिया गया। उल्लेखनीय है कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के तहत राज्यभर में जल संरक्षण, पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से विविध गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। शील की डूंगरी बांध पर आयोजित यह कार्यक्रम जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण प्रयासों का प्रेरणादायी उदाहरण है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि गोपाल शर्मा, अधिशासी अभियंता अनिल थालोर, सहायक अभियंता अनुराधा चौधरी, चाकसू नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत शील की डूंगरी बांध पर आयोजित हुआ जन-जागरूकता कार्यक्रम
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June 02, 2026
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