जयपुर: राज्य में खेजड़ी सहित महत्वपूर्ण वृक्षों के संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में प्रस्तावित वृक्ष संरक्षण अधिनियम के प्रारूप पर गठित समिति की तृतीय बैठक मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित मंत्रालय भवन में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने की। बैठक में प्रस्तावित वृक्ष संरक्षण अधिनियम के प्रारूप के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति द्वारा प्राप्त सुझावों एवं आवश्यक संशोधनों पर विचार-विमर्श के उपरांत विधेयक प्रारूप को अंतिम रूप दिया गया तथा संबंधित विभागों को अग्रिम कार्यवाही के निर्देश दिए गए। बैठक में वन एवं पर्यावरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा, विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में कृषि भूमि पर वृक्षों को हटाने के लिए अनुमति संबंधी प्रावधान लागू हैं। प्रस्तावित अधिनियम के माध्यम से गैर-कृषि भूमि, आबादी क्षेत्र, पंचायती भूमि एवं स्थानीय निकायों की भूमि पर स्थित संरक्षित वृक्षों के संरक्षण हेतु भी स्पष्ट प्रावधान किए जा रहे हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार अत्यावश्यक परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही ऐसे वृक्ष हटाए जा सकेंगे। साथ ही संरक्षित वृक्षों की सूची भी अधिनियम में शामिल की जाएगी तथा बिना अनुमति संरक्षित वृक्षों को हटाना प्रतिबंधित होगा।
खेजड़ी सहित संरक्षित वृक्षों के संरक्षण हेतु प्रस्तावित अधिनियम के प्रारूप को अंतिम रूप
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June 02, 2026
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