राही! तू बढ़ता जा.

AYUSH ANTIMA
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​राही तू अपने पथ पर बढ़ता जा,
पीछे मुड़कर ना देख।
लक्ष्य हो तेरी नजरों में,
बस आगे ही तू देख॥
​माना कि पथ कठिन है,
संकटों के भी बादल हैं।
फिर भी तू मत रुकना,
आगे तेरी मंजिल है॥
​मिलेंगे टांग खींचने वाले,
हाथ थामने वालों का होगा अभाव।
फिर भी मन में रखना,
आगे बढ़ने का भाव॥
​कहे 'अनमोल' तू बस बढ़ता जा,
रुकना तेरा काम नहीं।
जो भी होगा, होगा...
होगा अंजाम सही॥

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