राही तू अपने पथ पर बढ़ता जा,
पीछे मुड़कर ना देख।
लक्ष्य हो तेरी नजरों में,
बस आगे ही तू देख॥
माना कि पथ कठिन है,
संकटों के भी बादल हैं।
फिर भी तू मत रुकना,
आगे तेरी मंजिल है॥
मिलेंगे टांग खींचने वाले,
हाथ थामने वालों का होगा अभाव।
फिर भी मन में रखना,
आगे बढ़ने का भाव॥
कहे 'अनमोल' तू बस बढ़ता जा,
रुकना तेरा काम नहीं।
जो भी होगा, होगा...
होगा अंजाम सही॥