पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने मांगों को लेकर किया सद्बुद्धि यज्ञ

AYUSH ANTIMA
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निवाई (लालचंद माली): पंचायती राज संस्थाओं के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने पंचायती राज विभाग द्वारा अपनाए जा रहे कथित पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी मौलिक अधिकारों से युक्त विभिन्न मांगों को लंबे समय से लंबित रखा गया है, जिससे मंत्रालयिक कर्मचारियों में भारी निराशा एवं असंतोष व्याप्त है। मांगों को लेकर कर्मचारियों ने पंचायत समिति परिसर में सद्बुद्धि यज्ञ का सामूहिक आयोजन किया, जिसके माध्यम से सरकार एवं प्रशासनिक अधिकारियों को सद्बुद्धि आने तथा कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की प्रार्थना की गई। संगठन द्वारा विभाग को अंतिम चेतावनी नोटिस सौंपते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा नहीं किए जाने की स्थिति में आर-पार के उग्र आंदोलन की रूपरेखा से भी अवगत करवाया। संघ के अध्यक्ष प्रेमचन्द माली, संरक्षक शिवदयाल बैरवा, महामंत्री सुनिल कुमार गुर्जर व राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि संगठन की मांग है कि मंत्रालयिक कर्मचारियों का पंचायतों के लेखों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पंचायत स्तरीय कर्मचारियों की समकक्षता के अनुसार समान अधिकारों के साथ जॉब-चार्ट तय कर उसे नियमों में व्यवस्थित करना बेहद आवश्यक है। इसके साथ ही भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पंचायत लेखों में वर्तमान में संचालित सिंगल ओटीपी व्यवस्था को तत्काल समाप्त किया जाए और वित्त विभाग के परिपत्र के अनुसार लेखों में मेकर, चेकर एवं अप्रूवर की त्रिस्तरीय व्यवस्था को लागू किया जाए। जिस प्रकार उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड राज्यों में ग्राम सेवक का पदनाम बदला गया है, उसी तर्ज पर मंत्रालयिक संवर्ग के पदों के लिए भी नीतिगत निर्णय लेकर पूर्ण उत्तराखंड पैटर्न बहाल किया जाए। संवर्ग के लिए 56.01 प्रतिशत पदोन्नति के पदों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कनिष्ठ सहायक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को राजस्थान विधानसभा की तर्ज पर स्नातक किया जाए और स्टेट पेरिटी के आधार पर ग्रेड पे 3600 रुपए निर्धारित की जाए। समान संवर्ग की भांति कर्मचारियों के लिए भी हार्ड ड्यूटी अलाउसेन्स एवं अतिरिक्त प्रभार भत्ता स्वीकृत किया जाए। ग्राम पंचायतों में पदस्थापित कनिष्ठ सहायकों को अन्य पंचायतों का अतिरिक्त कार्यभार सौंपने की व्यवस्था को बंद किया जाए एवं मंत्रालयिक संवर्ग से ग्रामीण विकास राज्य सेवा में पदोन्नति के अवसरों को सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण विकास अधीनस्थ सेवा के कुल स्वीकृत पदों में से 50 प्रतिशत पद मंत्रालयिक संवर्ग के कार्मिकों से पदोन्नति द्वारा भरे जाने हेतु आरक्षित किया जाए। इस अवसर पर बीरबल मीणा, गंगा मीणा, प्रियंका गौतम, सोनू शर्मा, शिवजीराम बैरवा, लोकेश वर्मा, सुरेन्द्र चौधरी, रामसहाय बैरवा, मंजू गुर्जर व सुनिलbकुमार खंगार सहित कई मंत्रालयिक कर्मचारी मौजूद थे।

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