विराट नगर (राहुल शर्मा): भाजपा द्वारा जीएल यादव को निलंबित किए जाने के बाद पार्टी में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ रही है। भाजपा नेता व सामाजिक कार्यकर्ता महेश गढ़वाल ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर संगठन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनकी पोस्ट में बगावत के साफ संकेत दिख रहे हैं। गढ़वाल ने चेतावनी दी कि यदि राजनीतिक द्वेष के चलते जमीनी कार्यकर्ताओं पर इसी तरह कार्रवाई होती रही तो आने वाले समय में भारतीय जनता पार्टी का विराट नगर से नामोनिशान मिट जाएगा।
*'द्वेषपूर्ण है कार्रवाई'*
महेश गढ़वाल ने कहा कि जीएल यादव पर की गई कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र की समस्याओं, भ्रष्टाचार और जनहित के मुद्दों को उठाना अगर अपराध है तो हम यह अपराध बार-बार करेंगे। सच बोलने की सजा निलंबन नहीं हो सकती।
*संगठन को दो टूक चेतावनी*
गढ़वाल ने दो टूक कहा कि जमीनी कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ होता है। अगर इसी तरह जनता की आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया तो 2028 के विधानसभा चुनाव में विराट नगर से भाजपा का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
*पहले भी उठे हैं विरोध के स्वर*
यह पहला मौका नहीं है, जब पार्टी के अंदर से विरोध की आवाज उठी हो। पावटा बालाजी मंडल के पूर्व महामंत्री हितेंद्र लाटा भी कई बार अपनी ही सरकार के कार्यकाल और स्थानीय नेतृत्व की कार्यशैली पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठा चुके हैं।
*कार्यकर्ताओं में भारी रोष, बगावत के संकेत*
जीएल यादव के निलंबन के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। मंडल स्तर के कई पदाधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रही एकतरफा कार्रवाई से संगठन का मनोबल टूट रहा है। मामला अब कस्बे में चर्चाओं का विषय बना हुआ है और इसे पार्टी के अंदर बगावत की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने निलंबन तत्काल वापस लेकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।