बीकानेर: अधिवक्ता भगवान सिंह मेड़तिया के विरुद्ध बीछवाल थाने में दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच करने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन की ओर से पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सोपा गया।अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित ने बताया कि एसोसिएशन के संज्ञान में आया है कि उक्त घटना के समय क्षेत्र में लगातार एवं बार-बार विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण स्थानीय नागरिकों में व्यापक असंतोष था तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौके पर एकत्रित हुए थे। उपलब्ध तथ्यों से यह भी ज्ञात हुआ है कि घटना के उपरांत संबंधित कंपनी एवं स्थानीय नागरिकों के मध्य वार्ता एवं समझौता भी हो चुका है। इसके अतिरिक्त यह तथ्य भी जांच का विषय है कि अधिवक्ता भगवान सिंह मेड़तिया घटनास्थल पर किसी प्रकार की अवैध गतिविधि या उपद्रव में सम्मिलित होने के उद्देश्य से उपस्थित नहीं थे, बल्कि क्षेत्र में उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने तथा नागरिकों को शांत करने का प्रयास कर रहे थे। घटना के समय बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी उपस्थित थे और ऐसी स्थिति में उनके आचरण एवं भूमिका का निष्पक्ष परीक्षण किया जाना आवश्यक है। केवल आरोपों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना न्यायोचित नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि यह भी उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता भगवान सिंह मेड़तिया एक प्रतिष्ठित एवं सामाजिक रूप से सम्मानित परिवार से संबंध रखते हैं। उनकी माताजी नगर निगम बीकानेर की पूर्व पार्षद रह चुकी हैं तथा परिवार का सार्वजनिक जीवन एवं सामाजिक सेवा से दीर्घकालीन जुड़ाव रहा है। मेड़तिया स्वयं भी अधिवक्ता के रूप में समाज एवं न्याय व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। इसलिए उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जांच पूर्ण निष्पक्षता, स्वतंत्रता एवं वस्तुनिष्ठता के साथ किया जाना अत्यंत आवश्यक है। बार एसोसिएशन का यह स्पष्ट मत है कि किसी भी नागरिक अथवा अधिवक्ता के विरुद्ध विधि के अनुसार निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही यह भी आवश्यक है कि किसी व्यक्ति को मात्र आरोपों के आधार पर दोषी मानकर कार्यवाही न की जाए तथा घटना की समस्त परिस्थितियों, उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग, स्वतंत्र गवाहों के बयान एवं समझौते से संबंधित तथ्यों का समुचित परीक्षण किया जाए। ज्ञापन देने वालों में नवल कुमार पुरोहित, मनोज बिश्नोई, शाहिद एवं बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।