कोटपूतली (ईशाक खान): कस्बे के डाबला रोड़ स्थित महात्मा बुद्ध संस्थान द्वारा संचालित स्वयंसिद्धा आश्रम में शनिवार को एक बेहद खूबसूरत और भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वृद्धजनों के साथ युवाओं का संवाद थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में संगीत, भजनों की मधुर प्रस्तुतियां और जीवन को राह दिखाने वाली कहानियों का वाचन हुआ, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।
*बुजुर्गों का सम्मान ही सुख-समृद्धि की कुंजी*
मुख्य अतिथि आर.एस. झांझरिया ने आश्रम के आवासियों को दृढ संकल्प और एक अनुशासित, संयमित दिनचर्या के साथ खुशी-खुशी समय बिताने की प्रेरणा दी। युवाओं को एक विशेष संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जिस घर में बुजुर्गों की निःस्वार्थ सेवा और सम्मान होता है, उसी घर में सुख, शांति और समृद्धि का स्थायी वास होता है। उन्होंने आश्रम की बेहतरीन व्यवस्थाओं और सुविधाओं पर गहरी संतुष्टि जताते हुए वहाँ के समर्पित स्टाफ की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया।
*बुजुर्ग देश की अमूल्य धरोहर*
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मानव कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश स्वामी ने बुजुर्गों को समाज और देश की अमूल्य धरोहर बताया और उनके संरक्षण व सम्मान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने युवाओं और आश्रम के आवासियों को एक बेहद प्रेरक और समाजोपयोगी कहानी भी सुनाई। वहीं विशिष्ठ अतिथि डॉ.अंबेडकर विचार मंच समिति के अध्यक्ष जगदीश मेघवाल ने वृद्धजनों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और समाज में उनके मान-सम्मान को अक्षुण्ण रखने की बात कही। संस्थान के सचिव डॉ. एच. एन. धोलीवाल ने आश्रम में दी जा रही सभी आधुनिक और जरूरी सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। संचालन योगा टीचर ताराचंद सैनी ने किया। संवाद कार्यक्रम के बाद सभी आवासियों को टेलीविजन के माध्यम से उनकी पसंद के गीत और भजन सुनाये गये। इस दौरान आश्रम के मैनेजर कानाराम, चंचल, नर्सिंग स्टॉफ मुकेश कुमार, राजकुमार, राधेश्याम, मनजीत सिंह, योगेंद्र शर्मा, प्रदीप कसाना, दिनेश गुर्जर, दीपक सैनी, नितेश कुमार सहित समस्त स्टॉफ मौजूद रहा।