चिड़ावा (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): शहर के वार्ड नौ निवासी पूर्व संभागीय संस्कृत शिक्षा अधिकारी एवं संस्कृत भारती झुंझुनू के जिला अध्यक्ष डॉ.कैलाश चतुर्वेदी को रविवार को चौमूं (जयपुर) में आयोजित विद्वत्वन्दन एवं सम्मान समारोह में "संस्कृत गौरव सम्मान" से सम्मानित किया गया। वैदिक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष प्रोफेसर पं.अरूण कुमार शर्मा वेदाचार्य ने बताया कि इस राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन विराज फाउंडेशन के तत्वावधान व महामंडलेश्वर श्री हरिकृष्ण दास महाराज (ग्वालिया बाबा) एवं श्री श्री 1008 नरसिंह जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ.अर्कनाथ चौधरी, विशिष्ट अतिथि जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत वि.वि. के पूर्व कुलपति डॉ.तारा शंकर पाण्डेय थे। अध्यक्षता विप्र फाउंडेशन की पूर्व उपाध्यक्ष मंजु शर्मा ने की। इस अवसर पर संस्कृत जगत् के व्याकरण शास्त्र, साहित्य, ज्योतिष, वेद, दर्शन, मीमांसा, न्याय, वास्तु, कर्मकांड एवं पौरोहित्य शास्त्र आदि के इक्यावन विद्वानों को वैदिक एवं सनातन संस्कृति, देववाणी संस्कृत भाषा के संरक्षण-संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार आदि के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य एवं अनुकरणनीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया। इन्हें सम्मान पत्र, शाॅल व दुपट्टा प्रदान कर सम्मानित किया गया। चिड़ावा के डॉ.चतुर्वेदी के सम्मानित होने पर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष विमल कुमार अग्रवाल, डॉ.मंडन शर्मा पूर्व निदेशक संस्कृत शिक्षा, प्रोफेसर मामराज शर्मा, प्रो.मोहन लाल शर्मा, डॉ.अनिल अनमोल, गजेन्द्र शर्मा (आरएएस), मनोहर जांगिड़ पूर्व पार्षद्, उपखंड कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी कैलाश कविया, ब्रह्म चैतन्य संस्थान के अध्यक्ष मोतीलाल लाटा, बाबूलाल वर्मा, डॉ.बीएल वर्मा, मदन डारा, वेणी प्रसाद योगी, हजारी लाल योगी, प्रमोद शर्मा ओजटू, मदन लाल शर्मा थली, विक्रम शर्मा, एसआई प्रदीप शर्मा, महावीर इंटरनेशनल इन्द्रधनुष के चेयरमैन डॉ.एलके शर्मा सहित इन्द्रधनुष के सभी पदाधिकारियों सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी हैं।
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