पावटा (राहुल शर्मा): नगर पालिका के मुख्य बाजार सुभाष चौक पर आये दिन लगने वाले जाम से राहगीर और वाहन चालक बेहद परेशान हैं। दुकानदारों द्वारा सड़क तक किए गये अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण यहां से निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर नगर पालिका प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से मौन धारण कर रखा है।
*सड़क पर बाजार, फंसे वाहन*
सुभाष चौक की हालत यह है कि यहां कार, बाइक, ऑटो और ट्रैक्टर-ट्रॉली एक साथ फंस जाते हैं। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे सामान, शेड और तिरपाल लगाकर सड़क को आधा घेर रखा है। फुटपाथ पर स्थायी कब्जे हैं, जिससे पैदल चलने वालों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ता है. आवारा पशुओं की मौजूदगी जाम को और बढ़ा देती है।
*स्कूली बच्चों और मरीजों को परेशानी*
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह-शाम स्कूली बच्चों और नौकरी पेशा लोगों को जाम में फंसकर समय बर्बाद करना पड़ता है। आपात स्थिति में एंबुलेंस का निकलना नामुमकिन हो जाता है।
*निर्देशों के बाद भी कार्रवाई नहीं*
जिला प्रशासन ने नगर पालिका को कई बार मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये, मगर धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था के लिए कोई जवान तैनात नहीं किया जाता। न ही अवैध पार्किंग पर चालान की कार्रवाई होती है।
*लोगों में आक्रोश*
राहगीरों का कहना है कि "प्रशासन आंखें मूंदकर बैठा है। व्यापारी सड़क पर सामान सजाकर मस्त हैं और आमजन जाम में त्रस्त है।" शहरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुभाष चौक से अतिक्रमण नहीं हटाया गया और यातायात सुचारू नहीं किया गया, तो लोगों ने जिला कलेक्टर और एसपी से मांग की है कि सुभाष चौक पर स्थायी यातायात पुलिसकर्मी तैनात किया जाए और नगर पालिका अतिक्रमण के खिलाफ ठोस अभियान चलायें।