शेखावाटी की मिट्टी को भारत में गौरवान्वित करने वाले नवलगढ़ कस्बे में जन्मे विप्र समाज के सशक्त हस्ताक्षर गोविन्द राम बासोतिया का निधन विप्र समाज की अपूर्णनीय क्षति है। देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी एवं भामाशाह गोविंदराम बासोतिया अपने पीछे वो विरासत छोड़ गये है, जो स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। बासोतिया की सदैव यह सोच रही कि यह मत सोचो की समाज ने हमें क्या दिया बल्कि हमारी सोच यह होनी चाहिए कि समाज को हम क्या दे रहे हैं। बासोतिया अपने पीछे सेवाभाव, सामाजिक सरोकार, उच्च संस्कार व परोपकार की भावना से ओत-प्रोत वह विरासत छोड़ गए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। बासोतिया ने अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत असम से की। उन्होंने अपनी दूरदर्शी सोच, अथक परिश्रम और संगठन क्षमता के बल पर उन्होंने वस्त्र एवं यार्न उद्योग में विशिष्ट पहचान बनाई। वे असम में कॉटन यार्न उद्योग के प्रमुख व्यक्तियों में गिने जाते थे। उन्होंने अहमदाबाद को अपनी कर्मभूमि जरूर बनाया लेकिन अपनी जन्मभूमि से आत्मीय लगाव का ही प्रतीक था कि अपने सामाजिक सरोकारों से जन्मभूमि का ऋण चुकाने के लिए अपने जीवन के अंतिम क्षणो तक प्रयासरत रहे। समाज के ऐसे बिरले ही व्यक्तित्व होंगे, जिन्होंने अनगिनत लोगों को रोजगार दिलवाने में अहम भूमिका अदा की, उनमें से गोविन्दराम बासोतिया का नाम पहली पंक्ति में आता है। ऊर्जा संरक्षण और औद्योगिक दक्षता के क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में गुजरात सरकार ने उन्हें ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। उन्होंने उद्योग जगत को ऊर्जा, बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया। विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संरक्षक के रूप में उन्होंने जयपुर स्थित श्री परशुराम ज्ञानपीठ में कन्या छात्रावास के लिए एक संपूर्ण विंग का निर्माण करवाकर समाज को समर्पित किया। बालिका शिक्षा को बढावा देने को लेकर उनके द्वारा किए गये अभूतपूर्व कार्यों से समाज उनका सदैव ऋणी रहेगा। बासोतिया अनेक सामाजिक संगठनों से जुड़े रहे। गौड़ ब्राह्मण संघ के संरक्षक रहे बासोतिया को विभिन्न संस्थाओं द्वारा "शेखावाटी के सपूत" और "शेखावाटी रत्न" जैसे सम्मानों से अलंकृत किया गया था। विप्र समाज गौरव गोविन्दराम बासोतिया को आयुष अंतिमा (हिन्दी समाचार पत्र) परिवार की तरफ से सादर श्रद्धांजलि। स्वर्गीय बासोतिया द्वारा किए गये जनकल्याणकारी कार्य व सामाजिक सरोकार सदैव समाज को प्रेरणा देते रहेंगे।
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