झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): शेखावाटी की पावन धरा एक बार फिर धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति के ऐतिहासिक उत्सव की साक्षी बनने जा रही है। झुंझुनूं जिले के प्रसिद्ध बीबासर धाम में आगामी 18 से 26 सितम्बर 2026 तक आयोजित होने वाला “श्री मरूधर (मरूस्थल) महाकुंभ” अब क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान के धार्मिक परिदृश्य का सबसे बड़ा आयोजन बनने की ओर अग्रसर है। नौ दिनों तक चलने वाले इस विराट आध्यात्मिक महोत्सव में देशभर के संत-महंतों, महामंडलेश्वरों और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहने की संभावना है। महाकुंभ का आयोजन श्री बाबा गुलाब गिरि संतनिवास आश्रम, बीबासर धाम में होगा। आयोजन श्री श्री 1008 बालक पीठाधीश्वर महंत श्री पृथ्वीगिरि महाराज (गुरूजी) के सान्निध्य एवं अध्यक्षता में संपन्न होगा। आयोजन समिति और संत समाज ने इसे मरुधरा की धार्मिक चेतना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला ऐतिहासिक आयोजन बताया है I
*18 सितम्बर को निकलेगी विराट शोभायात्रा, धर्मध्वजा के साथ होगा महाकुंभ का शुभारंभ*
महाकुंभ का आगाज 18 सितम्बर को भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। धर्मध्वजाओं, सुसज्जित रथों, भजन मंडलियों और संत-महात्माओं की अगुवाई में निकलने वाली यह यात्रा पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण का संचार करेगी। आयोजन को लेकर गांव-गांव और ढाणियों तक विशेष निमंत्रण पहुंचाए जा रहे हैं। सेवक महेश बसावतिया ने बताया कि महायज्ञ और श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान गंगा सात दिन तक चलेगा। महाकुंभ के दौरान 19 सितम्बर से 25 सितम्बर तक प्रतिदिन विशाल महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार, सेवा और मानव कल्याण का संदेश दिया जाएगा, जबकि यज्ञ में विश्व शांति, समाज कल्याण और मानव मंगल की कामना के साथ वैदिक मंत्रोच्चार गूंजेंगे।
*26 सितम्बर को संत-महंतों का भव्य भंडारा, विशाल मेले में उमड़ेगा जनसैलाब*
महाकुंभ का समापन 26 सितम्बर को संत-महंतों के विशाल भंडारे एवं विराट मेले के साथ होगा। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मेले में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन होगा, जिससे यह आयोजन क्षेत्र के सबसे बड़े धार्मिक समागमों में शामिल हो जाएगा। महाकुंभ में श्रद्धालुओं को अनेक पूज्य संत विभूतियों का सान्निध्य प्राप्त होगा। कार्यक्रम में श्री गुरू दत्तात्रेय जी महारा, श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा श्री गुलाब गिरि जी महाराज के आशीर्वाद से श्री श्री 1008 बालक पीठाधीश्वर श्री महंत श्री कृष्णगिरि जी महाराज, श्री श्री 108 स्वामी सातम गिरि जी महाराज (बीबासर), श्री श्री 108 स्वामी रामरतन गिरि जी महाराज (खटकड़ी, निवाणी) सहित अनेक संत-महात्माओं का सान्निध्य और आशीर्वाद श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।
*बाबा गुलाब गिरि की तपोभूमि पर जुटेगा संत समाज*
बीबासर धाम को संत परंपरा की महत्वपूर्ण तपोभूमि माना जाता है। बाबा गुलाब गिरि महाराज की स्मृति और आध्यात्मिक विरासत को समर्पित इस आयोजन को लेकर संत समाज और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति का दावा है कि यह महाकुंभ आने वाले वर्षों में मरुधरा की धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र बनेगा I आयोजकों के अनुसार महाकुंभ केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह समाज में सद्भाव, संस्कार, सेवा और राष्ट्रीय चेतना का भी संदेश देगा। संतों के प्रवचन, कथा और सत्संग के माध्यम से युवाओं को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।