जयपुर: यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट (यूईएम), जयपुर ने 15 से 19 जून 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से "उच्च शिक्षण संस्थानों (HEI) के शिक्षकों के लिए समकालीन शैक्षणिक पद्धतियाँ: मानव-केंद्रित एवं परिणामोन्मुख शिक्षण" विषय पर पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से लगभग 100 शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एफडीपी में शिक्षार्थी सहभागिता, आउटकम-बेस्ड एजुकेशन (OBE), छात्र-केंद्रित शिक्षण, प्रॉब्लम-बेस्ड लर्निंग (PBL), केस स्टडी पद्धति तथा शिक्षकों के लिए न्यूरो-लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग (NLP) जैसे समकालीन विषयों पर चर्चा की गई। विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने उच्च शिक्षा के बदलते परिदृश्य तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप व्यावहारिक रणनीतियों एवं नवाचारी शैक्षणिक दृष्टिकोणों को साझा किया। कार्यक्रम का शुभारंभ आईईएम-यूईएम समूह के निदेशक प्रो. (डॉ.) सत्यजीत चक्रवर्ती के अध्यक्षीय उद्बोधन से हुआ। वहीं यूईएम जयपुर के कुलपति प्रो. (डॉ.) बिस्वजॉय चटर्जी ने प्रतिभागियों को नवाचारी एवं शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। यूईएम जयपुर के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) प्रदीप कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों तथा उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
एफडीपी का समापन एक संवादात्मक सत्र एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे यूईएम जयपुर के एसोसिएट डीन (एकेडमिक्स एवं फॉरेन रिलेशंस) डॉ.मुकेश यादव ने प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम ने शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा शिक्षकों को मानव-केंद्रित एवं परिणामोन्मुख शिक्षण पद्धतियों से सशक्त बनाने के प्रति यूईएम जयपुर की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया। एफडीपी का सफल समन्वय एवं संचालन आयोजन समिति के समर्पित सदस्यों डॉ.स्नेहलता ढाका, प्रो.दिप्ता मुखर्जी, डॉ.कृष्ण कुमार शर्मा, प्रो.शिवानी सैनी, प्रो.संचारी बसाक, प्रो.रजनी तथा प्रो.नबनीता साहा के अथक प्रयासों से संपन्न हुआ।