जातिगत आरक्षण देश के लिए अभिशाप है: समता आन्दोलन

AYUSH ANTIMA
By -
0



अलवर (देशबंधु जोशी): पेंशनर भवन में समता आन्दोलन का वार्षिक अधिवेशन संपन्न हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष पाराशर नारायण शर्मा ने बताया कि जाति आधारित आरक्षण देश के लिए अभिशाप है। जातिगत आरक्षण से जातिगत वैमनस्य बढ़ रहा है, जातिगत राजनीति बढ़ रही है, जातिगत वैमनस्य बढ़ रहा है, जातिगत ध्रुवीकरण बढ़ रहा है, देश जातिगत गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा है। जातिगत आरक्षण के कारण ही अपात्र व्यक्ति पीढ़ी दर पीढ़ी आरक्षण को लूट रहे हैं और पात्र व्यक्ति लगातार वंचित होते जा रहे हैं। यूजीसी जैसे काले कानून भी जातिगत आरक्षण और जातिगत राजनीति की ही देन है। भाजपा के लिए यह यूजीसी कानून आत्मघाती कदम साबित होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि यदि केंद्र और राज्य सरकार ने हमारी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो आने वाले चुनावों में इनको सबक सिखाया जायेगा। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने कहा कि समता आन्दोलन एक समतावादी विचारधारा का आन्दोलन है। इस संस्था में एससी प्रकोष्ठ, एसटी प्रकोष्ठ, ओबीसी प्रकोष्ठ भी काम कर रहा है, यह एक स्पष्ट प्रमाण है कि यह आन्दोलन सभी वर्गों के साथ है, पूरी तरह संवैधानिक संघर्ष कर रहा है, अतः मेरा पूरा समर्थन इस आन्दोलन के साथ है। कार्यकारी अध्यक्ष योगेंद्र सिंह मेघसर ने बताया कि इस वर्ष समता आन्दोलन के संगठन को ग्राम पंचायत स्तर तक बढ़ाया जाएगा। सलाहकार रामनिरंजन गौड़ ने कहा कि हमारे अजा अजजा प्रकोष्ठ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग से क्रीमिलेयर को बाहर करवाने के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रहा है। इस विषय पर हमारी एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में वर्ष 2018 से लम्बित है। प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि सरकारें जातिगत दबाव के कारण पदौन्नति में आरक्षण सम्बन्धी सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों को लागू नहीं कर रही है। जिससे सामान्य और ओबीसी वर्ग के लाखों कार्मिक अविधिक अन्याय, अपमान और लगातार भारी आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। लोक प्रशासन जातिगत गुटों में बंट गया है, समतावादी लोगों में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 
विधानसभा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रवींद्र पारीक ने बताया कि जातिगत आरक्षण की बुराई से देश को मुक्ति दिलाने के लिए समता आन्दोलन संवैधानिक और प्रजातांत्रिक तरीकों से सशक्त लड़ाई लड़ रहा है। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 20 सीटों तक समेटने में समता आन्दोलन के संघर्ष का ही हाथ था। विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष एडवोकेट ऋषिराज राठौड़ ने बताया कि समता आन्दोलन विधायिका में असंवैधानिक आरक्षण को समाप्त करवाने के लिए भी लगातार संघर्ष कर रहा है। हमने इस विषय पर वर्ष 1999, 2009 और 2019 में याचिकाएं लगा रखी हैं, जो सभी सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित हैं। जिला अध्यक्ष रामावतार सिंह चौहान ने कहा कि इस वर्ष अलवर की सभी तहसीलों और ग्राम पंचायतों में समता आन्दोलन की इकाइयों को सक्रिय किया जायेगा। धर्मवीर पाराशर ने संगठन को मजबूत किये जाने पर जोर दिया। जिला ब्राह्मण सभा के जिलाध्यक्ष विश्वभर दयाल वशिष्ठ, राजस्थान ब्राह्मण सभा अध्यक्ष बाबूलाल शर्मा, अमित छाबड़ा, राजपूत सभा के सूरज भान गौड़, अशोक आहूजा आदि समता वादियों ने भाग लिया व अपने विचार व्यक्त किए। यूजीसी के काले कानून को निरस्त किए जाने तक भाजपा का प्रत्येक चुनाव में विरोध करने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। मंच संचालन राजेश शर्मा और अशोक शर्मा ने किया।
Tags:

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!