झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): भारतीय जनता पार्टी प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार 'बारह साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के' महाअभियान के तहत झुंझुनूं शहर मंडल के श्री गणेश मंदिर शक्ति केंद्र की एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक नरनारायणपुरा मंदिर (गोलाई मोड़) परिसर में आयोजित की गई। यह बैठक केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के गौरवमयी और सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य धरातल पर पार्टी की गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ व सक्रिय बनाना रहा।
*सेवा और स्वच्छता से हुई शुरुआत*
राजनीतिक चर्चाओं से पूर्व भाजपा की 'सेवा ही संगठन' की भावना को चरितार्थ करते हुए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में विशेष स्वच्छता कार्यक्रम चलाया। कार्यकर्ताओं ने श्रमदान कर पूरे परिसर की साफ-सफाई की और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
*जनहित के कार्यों के लिए तैयार हुआ रोडमैप*
सांगठनिक बैठक के दौरान आगामी दिनों में क्षेत्र में किए जाने वाले जनहित के कार्यों और सांगठनिक मजबूती को लेकर गंभीर मंथन हुआ। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने मोदी सरकार की 12 वर्षों की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही, संगठन द्वारा प्राप्त आगामी दिशा-निर्देशों के अनुसार वार्ड और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए एक प्रभावी भावी कार्ययोजना (रोडमैप) तैयार की गई।
*'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प*
बैठक के समापन के पश्चात सभी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत मंदिर परिसर के क्षेत्र में सामूहिक रूप से पौधारोपण किया। इस दौरान पौधों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक और पर्यावरण अभियान के अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री अरुणा सिहाग, झुंझुनूं शहर के सीए लोकेश अग्रवाल, रवि लांबा, दीपक स्वामी, रामनिवास सैनी, श्रीराम सैनी, किरण चौधरी, लोकेश मील, अजय सैनी, संदीप गोयल, शक्ति सिंह शेखावत, विजय चावला, शंभू नेहरा, संजना शर्मा, शर्मिला शर्मा, आशा सैनी, कौशल्या, विनोद खन्ना, बजरंग लाल शर्मा, मनोहर लाल सैनी, राजेश शर्मा, विमला देवी, मुन्नी देवी सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, कर्मठ कार्यकर्ता और स्थानीय प्रबुद्धजन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।