रानीवाड़ा/जालौर (महेंद्र देवासी): राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, जालौर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ.प्रदीप के. गांवड़े ने शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद जीवन रक्षक दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। जिला कलेक्टर डॉ.प्रदीप के. गांवड़े ने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं तथा अभियान को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।
*सीएमएचओ डॉ.भैराराम जाणी ने सांकड़ पोलियो बूथ पर बच्चों को पिलाई पोलियो की खुराक*
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.भैराराम जाणी ने सांकड़ एवं सरनाऊ स्थित पोलियो बूथों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सांकड़ पोलियो बूथ पर बच्चों को स्वयं पोलियो रोधी दवा की खुराक पिलाई तथा स्वास्थ्यकर्मियों को अभियान के दौरान शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने एवं किसी भी बच्चे को खुराक से वंचित नहीं रहने देने के निर्देश दिए।
*आरसीएचओ डॉ.राजकुमार बाजिया ने सायला ब्लॉक के पोलियो बूथों का किया निरीक्षण*
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.राजकुमार बाजिया ने अभियान के दौरान सायला ब्लॉक के विभिन्न पोलियो बूथों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पोलियो टीमों से अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की दो बूंद अवश्य पहुंचे। उन्होंने बूथों पर उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पूरी सतर्कता एवं समर्पण के साथ अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।
*आगामी दो दिनों में घर-घर जाकर पिलाई जाएगी पोलियो रोधी दवा*
आरसीएचओ डॉ.राजकुमार बाजिया ने बताया कि जिले में 3,65,846 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिले भर में 1,154 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, जिनमें 1,053 स्थायी बूथ, 57 ट्रांजिट बूथ एवं 44 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है, ताकि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम दिवस यदि कोई बच्चा किसी कारणवश पोलियो की खुराक से वंचित रह जाता है, तो आगामी दो दिनों तक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर जाकर ऐसे बच्चों को पोलियो रोधी दवा की खुराक पिलाई जाएगी, जिससे प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की दो बूंद सुनिश्चित रूप से पहुंच सके। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास के सभी शून्य से पांच वर्ष तक के पात्र बच्चों को पोलियो की दो बूंद जीवनरक्षक दवा अवश्य पिलवाएं तथा पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत बनाने में सहयोग करें।