झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने झुंझुनूं जिले को बड़ी सौगात देते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) परिसर में अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए करीब 13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। सोमवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत बनने वाले नए भवन का भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत सरकार द्वारा डाइट झुंझुनूं का चयन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में किए जाने के बाद संस्थान के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। परियोजना के तहत भवन निर्माण कार्यों के लिए 1113.92 लाख रुपये तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए 160.65 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से डाइट परिसर में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एकेडमिक ब्लॉक, छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, इंडोर गेम रूम, ऑडिटोरियम, पार्किंग सुविधा, कैंटीन सहित विभिन्न आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। डाइट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विधायक राजेंद्र भांबू एवं जिला कलेक्टर डॉ.अरूण गर्ग ने विधिवत भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक राजेंद्र भांबू ने कहा कि यह झुंझुनूं के लिए गौरव का विषय है कि शिक्षा मंत्रालय ने राजस्थान की केवल सात डाइटों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिनमें झुंझुनूं को भी शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि देशभर की चुनिंदा डाइटों में से झुंझुनूं डाइट को स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप प्रोग्राम के लिए चयनित चार संस्थाओं में स्थान मिला है। यह उपलब्धि यहां किए गए नवाचारों, गुणवत्तापूर्ण कार्यों और शिक्षकों की निरंतर मेहनत का परिणाम है। जिला कलेक्टर डॉ.अरूण गर्ग ने बताया कि करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक भवन अगले एक वर्ष में तैयार हो जाएगा। इसके निर्माण से डाइट का आधारभूत ढांचा और अधिक मजबूत होगा तथा शिक्षा अधिकारियों एवं शिक्षकों को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होने के बाद शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नए प्रशिक्षण कार्यक्रम और पाठ्यक्रम संचालित किए जा सकेंगे। साथ ही एनटीटी जैसे नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे, जिससे शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में यह उपलब्धि झुंझुनूं जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगी। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप प्रोग्राम जैसी पहल के माध्यम से झुंझुनूं डाइट देश में शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षणिक नवाचारों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है। इस अवसर पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक राजेश मील, डाइट प्राचार्य सुमित्रा, प्राचार्य दामोदर जांगिड़, सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।