झुंझुनूं (राजेन्द्र शर्मा झेरलीवाला): स्टेशन रोड स्थित 'खाना खजाना' रेस्टोरेंट में लघु उद्योग भारती शाखा झुंझुनूं एवं जिला उद्योग केंद्र, झुंझुनू के संयुक्त तत्वावधान में RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) के तहत एक दिवसीय IEC वर्कशॉप का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय MSMEs को सरकारी नीतियों, सब्सिडी और व्यापार विस्तार के नवीन अवसरों से अवगत कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ लघु उद्योग भारती शाखा झुंझुनूं के अध्यक्ष रोहिताश्व बंसल, सचिव सुरेंद्र केडिया और कोषाध्यक्ष संजय टीबड़ा सहित अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने दीप प्रज्जवलन कर किया। इस दौरान जयपुर से पधारे विशेषज्ञों ने उपस्थित उद्यमियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ मिशन के अंतर्गत विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
*वर्कशॉप में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर चर्चा हुई*
* MSME पॉलिसी 2024: सब्सिडी, प्रोत्साहन और विकास के लिए मिलने वाले सरकारी समर्थन पर मार्गदर्शन।
* ODOP पॉलिसी 2024: स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की रणनीति।
* अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश करने के लिए नए अवसरों की खोज।
संरक्षक डॉ.डीएन तुलस्यान ने बताया कि इस वर्कशॉप में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहाँ विशेषज्ञों ने उद्यमियों की शंकाओं का समाधान किया और ऑन-साइट उद्यम रजिस्ट्रेशन में भी सहायता प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान 'कुमावत मशीन' (नियर सदर थाना, सीकर रोड, झुंझुनूं) के संस्थापक सौरभ कुमावत ने एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करते हुए स्थानीय युवाओं और तकनीकी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा, "यदि उद्योगपति अपनी मशीनरी और ऑटोमेशन आवश्यकताओं के लिए बाहरी शहरों पर निर्भर न रहकर स्थानीय छात्रों और इंजीनियरों को अवसर दें, तो झुंझुनूं में रोबोटिक्स और औद्योगिक तकनीक का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा सकता है।" सौरभ कुमावत ने चिड़ावा के छात्र पीयूष का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे पीयूष ने 'स्मार्ट ऑटोमेटिक वाटर लेवल कंट्रोल सिस्टम' विकसित कर पानी की बर्बादी रोकने और मोटर सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी समस्याओं का समाधान किया है। कुमावत ने स्पष्ट किया कि उनकी संस्था छात्रों को इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, एम्बेडेड सिस्टम और मशीन डिजाइन का प्रशिक्षण दे रही है। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे अपनी औद्योगिक समस्याओं को 'कुमावत मशीन' के माध्यम से स्थानीय युवा इंजीनियरों तक पहुँचाएं, ताकि वे व्यावहारिक समाधान खोज सकें। यह आयोजन न केवल स्थानीय उद्यमियों के लिए सूचना का केंद्र बना, बल्कि उद्योग और शिक्षा के बीच तालमेल बिठाने का एक प्रभावी माध्यम भी साबित हुआ। युवाओं को रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित करते हुए, इस वर्कशॉप ने झुंझुनूं को औद्योगिक आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने का संकल्प लिया।